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बाघों की गणना के मामले में डाटा एंट्री की गड़बड़ियों को ठीक करे मध्य प्रदेशः एनटीसीए

नागपुर में मई में हुई बैठक के दौरान राज्य द्वारा दी गई सूचना में डाटा एंट्री से जुड़ी कई गड़बड़ियां सामने आई थीं. 

बाघों की गणना के मामले में डाटा एंट्री की गड़बड़ियों को ठीक करे मध्य प्रदेशः एनटीसीए
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्लीः सूचना के अधिकार से जुड़े एक दस्तावेज के मुताबिक राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने मध्य प्रदेश से कहा है कि वह अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में बाघों से संबंधित सही आंकड़े डाले. एनटीसीए द्वारा आंकड़ों को फिर से दर्ज करने के लिए राज्य के मुख्य वन्यजीव वार्डन को पत्र भेजा गया है. नागपुर में मई में हुई बैठक के दौरान राज्य द्वारा दी गई सूचना में डाटा एंट्री से जुड़ी कई गड़बड़ियां सामने आई थीं. इसके बाद राज्य द्वारा इस संबंध में अनुरोध किये जाने के आधार पर एनटीसीए ने मध्य प्रदेश को तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई थी.

देश में 2,226 बाघों के होने का अनुमान 
भोपाल स्थित वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे द्वारा दायर आरटीआई आवेदन के जवाब के मुताबिक एनटीसीए के पत्र में कहा गया है, ‘‘आपसे सुझाए गए तरीके के मुताबिक जल्द से जल्द आंकड़ों को फिर से दर्ज करने का अनुरोध है.’’ केंद्र सरकार की 2014 की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में छह बाघ अभयारण्य - कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना, बोरी-सतपुड़ा, संजय-दुबरी और पेंच- हैं जिनमें करीब 308 बाघ हैं. इसमें कहा गया है कि देश में 2,226 बाघों के होने का अनुमान है. (इनपुटः भाषा)