उज्जैन के आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई प्लाज्मा थेरेपी, कोरोना के गंभीर मरीजों का होगा इलाज

कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि उज्जैन में अब तक 46 ऐसे मरीज चिन्हित कर लिए गए हैं जो कोरोना संक्रमण के कारण गंभीर रूप से बीमार थे और ठीक होकर अपने घर गए हैं. आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज प्रशासन इन सभी लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने के लिए संपर्क करेगा. 

उज्जैन के आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई प्लाज्मा थेरेपी, कोरोना के गंभीर मरीजों का होगा इलाज
आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज उज्जैन.

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में शुक्रवार से प्लाज्मा थेरेपी शुरू हुई. दीपा मोहन मध्य प्रदेश की पहली प्लाज्मा डोनर बनीं. आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दीपा मोहन के हाथों से प्लाज्मा सेपरेटर मशीन का शुभारंभ कराया. आपको बता दें कि इससे पहले देश के 60 चुनिंदा अस्पतालों में ही प्लाज्मा थेरेपी होती थी. 

उज्जैन का आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज भी अब चुनिंदा अस्तालों की लिस्ट में शामिल हो गया है. आपको बता दें कि कोरोना के उपचार में प्लाज्मा थेरेपी को मेडिकल विशेषज्ञों ने काफी उपयोगी माना है. दिल्ली के राम मनोहर लोहिया और लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में कोरोना मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग किया भी गया है.

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माना जा रहा है की वेंटिलेटर पर जो कोरोना मरीज हैं, उनके उपचार में  प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग काफी कारगार सिद्ध हो रहा है. इस उपचार के लिए अधिक से अधिक प्लाज्मा डोनेट करने की आवश्यकता है. प्लाज्मा डोनेशन रक्तदान जैसा ही है. वही व्यक्ति प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं जो कोरोना संक्रमण से उबर चुके हैं. 

कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि उज्जैन में अब तक 46 ऐसे मरीज चिन्हित कर लिए गए हैं जो कोरोना संक्रमण के कारण गंभीर रूप से बीमार थे और ठीक होकर अपने घर गए हैं. आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज प्रशासन इन सभी लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने के लिए संपर्क करेगा. दीपा मोहन भी कोरोना संक्रमित थीं. इस संक्रमण से मुक्त होने के बाद वह राज्य की पहली प्लाज्मा डोनर बनीं.

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