3 अस्पतालों में चक्कर काटने के बाद भी नहीं मिला महिला को इलाज, गर्भस्थ शिशु की मौत

 पेंड्रा में एक गर्भवती महिला अपने इलाज के जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला और बिलासपुर सिम्स के चक्कर लगाती रही पर कहीं भी उसे इलाज नहीं मिला.

3 अस्पतालों में चक्कर काटने के बाद भी नहीं मिला महिला को इलाज, गर्भस्थ शिशु की मौत

पेंड्रा-गौरेला: छत्तीसगढ़ के पेंड्रा-गौरेला जिले में अस्पताल प्रशासन का अमानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है. जहां एक आदिवासी गर्भवती महिला जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला और बिलासपुर सिम्स के चक्कर लगाती रही पर कहीं भी उसे इलाज नहीं मिला. बाद में गौरेला के निजी अस्पताल में महिला का इलाज किया गया जहां महिला के गर्भ से मृत बच्चे को बाहर निकाला गया.  मामले को लेकर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस अध्यक्ष अमित जोगी ने बघेल सरकार पर निशाना साधते हुए पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को लचर बताया है.

दरअसल पूरा मामला नवगठित जिले गौरेला पेंड्रा मरवाही का है. गौरेला विकासखण्ड के पडवानीया गांव में रहने वाली 35 वर्षीय पुनिया बाई की तबीयत बीते बुधवार को खराब होने के बाद उपचार के लिए एमसीएच अस्पताल गौरेला लाया गया वहां ड्यूटी पर पदस्थ डॉक्टर ने महिला का प्राथमिक उपचार करते हुए गर्भस्थ शिशु के फेटल हार्ट रेट ना मिलने पर अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हुए सरकारी वाहन से बिलासपुर सिम्स के लिए रेफर कर दिया.  जिसके बाद बुधवार को ही लगभग 3:30 बजे शाम को गर्भवती महिला को लेकर उसके परिजन सिम्स पहुंचे परिजनों के अनुसार लगभग 3 घंटे तक सिम्स के सभी जिम्मेदार अधिकारियों से मिलने के बावजूद पीड़ित महिला को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया साथ ही यह कह कर वापस भेज दिया गया कि यहां कोरोना फैला है, इसलिए इलाज नहीं हो सकता. 

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अस्पतालों के चक्कर कांटे नही मिला इलाज 
3 घंटे तक सिम्स के डॉक्टरों से भर्ती करने की गुहार लगाने के बाद पीड़ित परिवार गर्भवती महिला को लेकर वापस 120 किलोमीटर पेण्ड्रा रोड प्राइवेट अस्पताल पहुंचा. यहां प्राइवेट अस्पताल ने यह कह कर महिला को भर्ती करने से मना कर दिया कि जब तक बीएमओ की परमिशन नहीं होगी हम आप को भर्ती नहीं कर सकते आप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाइए जिसके बाद परिजन फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला पहुंचे. जहां महिला को पूरी रात भर्ती रखा गया, लेकिन गुरुवार तक इलाज नहीं मिला. इसके बाद परिजन गर्भवती महिला को लेकर वापस निजी अस्पताल पिनाकी पहुंचे जहां महिला को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया पर जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि महिला के गर्भ में शिशु की मौत हो चुकी है. 

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शिशु की मौत 3 दिन पूर्व हुई  
निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ.सरवन कुमार ने बताया कि शिशु के मृत्यु लगभग 3 दिन पहले हो चुकी थी ज्यादा देर गर्भ में रहने की वजह से महिला के गर्भाशय में गंभीर संक्रमण और बीमारी हो सकती थी पर अब दवाइयों से उसे ठीक करने की कोशिश की जा रही है. आपको बता दें कि सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए नवगठित जिले में 4 किलोमीटर के अंदर  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और 50 बिस्तरी एमसीएच अस्पताल उपलब्ध करा रखा है 

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