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MP: संदिग्ध परिस्थितियों में इलाज के दौरान कैदी की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

परिजनों का आरोप है कि कैदी दुर्गेश बट्टी को जेल में जलाया गया है जिसके कारण उसकी मौत हुई है. परिजन जेल प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए हाइवे जाम कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

MP: संदिग्ध परिस्थितियों में इलाज के दौरान कैदी की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
फाइल फोटो

नई दिल्ली: मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में हुई कैदी की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. कैदी की मौत से नाराज परिजन और ग्रामीण जेल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जबलपुर अमरकंटक नेशनल हाईवे में चक्काजाम कर दिया है. चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन की खबर लगते ही स्थानीय विधायक व प्रदेश सरकार के मंत्री ओमकार मरकाम पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे एवं विरोध कर रहे लोगों को समझाया, तब कहीं जाकर पांच घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए. मंत्री ने पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की तरफ से 4 लाख रुपये के मुआवजे और मामले के उच्च स्तरीय जांच कराने के आदेश दिए हैं. वहीँ परिजनों की मांग पर शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जा गया.  

परिजनों का आरोप है कि कैदी दुर्गेश बट्टी को जेल में जलाया गया है जिसके कारण उसकी मौत हुई है. परिजन जेल प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए हाइवे जाम कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दरअसल 10 सितंबर की सुबह जेल प्रबंधन के द्वारा कैदी दुर्गेश बट्टी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था. जेल प्रबंधन की माने तो दुर्गेश रसोई से एक बड़े बर्तन में गरम सब्जी लेकर कैदियों को परोसने निकला था तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और गरमागरम सब्जी उसके ऊपर गिर गई जिसके कारण वह बुरी तरह से झुलस गया था. 

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बता दें कि गंभीर रूप से घायल दुर्गेश ने भी उस दिन अस्पताल में मीडिया को बयान दिया था कि सब्जी गिरने के कारण वह झुलस गया है. हालात बिगड़ने के बाद दुर्गेश को मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया था जहां इलाज के दौरान उसने बुधवार को दम तोड़ दिया लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल मेन्युअल के मुताबिक किसी भी विचाराधीन कैदी से जेल के अंदर किसी तरह का काम नहीं कराया जा सकता है. बावजूद इसके जेल में विचाराधीन कैदी दुर्गेश से कैदियों के लिए खाना बनवाना और परोसना जेल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है. अधिकारी इस मामले में कैमरे के सामने कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं.