close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

ग्वालियर में जोरों पर है दूध में मिलावट का धंधा, नहीं रुक रहा काला कारोबार

सांची दुग्ध संघ ने ग्वालियर के अलग-अलग चौराहों पर दूध परीक्षण शिविर लगाना शुरू कर दिए हैं, इन शिविरों में बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में आने वाले दूध के सैंपल लेकर पहुंच रहे हैं

ग्वालियर में जोरों पर है दूध में मिलावट का धंधा, नहीं रुक रहा काला कारोबार
कुछ सैंपल ऐसे भी हैं जिनमें हानिकारक रसायन की मात्रा भी मिली है.

ग्वालियरः मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग में दूध में मिलावट का कारोबार जोरों पर है. क्षेत्र में दूध, घी, मावा में हो रही मिलावट को लेकर हुए खुलासे के बाद अब स्थानीय प्रशासन और दुग्ध संघ भी सक्रिय हो गए हैं. अब आम आदमी भी अपने घर बैठे यह पता कर सकेगा कि उसके घर जो दूध आ रहा है उसमें मिलावट है या नहीं. इसको लेकर सांची दुग्ध संघ ने ग्वालियर के अलग-अलग चौराहों पर दूध परीक्षण शिविर लगाना शुरू कर दिए हैं, इन शिविरों में बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में आने वाले दूध के सैंपल लेकर पहुंच रहे हैं और उन्हें जांच करा रहे हैं.

ऐसे में यहां जो दूध आ रहा है उसके भी सैंपल कुछ ठीक नहीं आ रहे हैं. वैसे तो अधिकांश दूध में पानी की मात्रा अधिक पाई जा रही है. इसके साथ ही कुछ सैंपल ऐसे भी हैं जिनमें हानिकारक रसायन की मात्रा भी मिली है. सांची दुग्ध संघ के उप महाप्रबंधक अनुराग सेंगर का कहना है कि जिस तरीके से ग्वालियर चंबल संभाग में दूध और उससे बने प्रोडक्ट में मिलावट की खबरें आई थी, ऐसे में सांची में आने वाले दूध के तो हम सेंपलिंग कर लेते हैं.

देखें लाइव टीवी

मिलावट वाली हल्दी से रहें सावधान, 'मसालों की रानी' जानलेवा भी हो सकती है

लेकिन जो दूध सीधे घरों में सप्लाई किया जा रहा है, वह कितना शुद्ध है यह नापने के लिए एक सप्ताह तक शहर के विभिन्न इलाकों में इस तरह के शिविर लगाए जाएंगे. इसके साथ ही लोगों को बताया जाएगा कि वह अपने घर आने वाले दूध को कैसे जांच सकते है. इसके साथ ही जो यहां सैंपल लेकर आ रहे हैं, उनकी जांच की जा रही है ताकि वह सतर्क हो सकें और जिस डेयरी या दूध वाले से दूध लेते हैं उसे वह बता सकें कि उनके दूध में किस तरह की मिलावट आ रही है.

झारखंड : मिलावटखोरों के खिलाफ रघुवर सरकार ने शुरू किया अभियान

इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरुक करना है. वही सैंपल लेकर पहुंच रहे लोगों का कहना है कि वह जो दूध ले रहे थे उसमें पानी की अधिक मात्रा आ रही है. इसके साथ ही कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके दूध में रसायनों की मिलावट मिली है. जो कि स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक हैं और लोगों को बीमार बना रहे हैं.