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रायपुरः BJP ने की निकाय चुनाव एक्ट में दल-बदल कानून लागू करने की मांग

गर कोई विधायक इस कानून का उल्लंघन कर अपनी पार्टी बदलता है, तो उसकी विधायकी शून्य हो जाती है. ऐसे में जब नगरी निकाय चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे तो क्या पार्षदों पर यह कानून लागू होगा या नहीं? इस बात को लेकर अभी से बहस छिड़ गई है. 

रायपुरः BJP ने की निकाय चुनाव एक्ट में दल-बदल कानून लागू करने की मांग
(फाइल फोटो)

रायपुरः नगरी निकाय चुनाव को लेकर निगम एक्ट में संशोधन के बाद पार्षदों की खरीद-फरोख्त की संभावनाएं बढ़ गयी हैं. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इस नए एक्ट में दलबदल कानून लागू नहीं किया जा रहा. हालांकि अभी कैबिनेट में निगम एक्ट के संशोधन पर समिति की अनुसंशा के आधार पर मंत्री परिषद निर्णय लेंगे, लेकिन संभावना है कि इस कानून पर ठोस बात न हो, क्योंकि इस पर समिति ने अपनी राय नहीं दी है.

अब सवाल इस बात का है कि जैसे विधानसभा में अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव के जरिये विधायक दल का नेता और उसे मुख्यमंत्री चुना जाता है, तब यह दलबदल कानून लागू होता है. अगर कोई विधायक इस कानून का उल्लंघन कर अपनी पार्टी बदलता है, तो उसकी विधायकी शून्य हो जाती है. ऐसे में जब नगरी निकाय चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे तो क्या पार्षदों पर यह कानून लागू होगा या नहीं? इस बात को लेकर अभी से बहस छिड़ गई है. 

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राजनीतिक पार्टियों के इस पर अलग अलग राय हैं, विपक्ष ने इस बात को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है. विपक्षी पार्टियों के नेताओं का कहना है कि यह कानून नगरी निकाय चुनाव में गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए नहीं तो शक्ति केंद्र में बैठी कांग्रेस पार्टी इसका फायदा उठाएगी और कई विधायकों के साथ खरीद-फरोख्त या उन्हें डरा धमकाकर पार्टियां बदलवा सकती हैं. कांग्रेस ने इस मामले में कहा यह सही है कि दल बदल कानून लागू होने से खरीद-फरोख्त की संभावनाएं कम हो जाती है और हम भी चाहते हैं कि सरकार इस बारे में तमाम लोगों की राय ले.

बीजेपी ने नगरी निकाय के एक्ट में हो रहे संशोधन को लेकर कहा- इसमें दल बदल कानून का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए. इस कानून को इस एक्ट के संशोधन में भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त की जो संभावनाएं हैं. वह पूरी तरीके से समाप्त हो जाए. बीजेपी ने यह भी कहा कि सरकार इसी कोशिश में है. एक्ट में नए संशोधन कर पार्षदों को महापौर चुनने का अधिकार इसलिए भी दिया जा रहा है ताकि सरकार खरीद-फरोख्त कर सके और अपने मन मुताबिक निकायों पर कब्जा कर सके और इसलिए दल बदल कानून में लागू नहीं किया जा रहा है यह एक बड़ी साजिश है इसे लेकर हम न्यायलय और राज्य निर्वाचन आयोग में भी अपनी बात रखेंगे.

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कांग्रेस पार्टी दल बदल कानून का समर्थन करती है और नए एक्ट के संशोधन के मुताबिक हम सरकार के समक्ष और समिति के समक्ष यह मांग रखेंगे कि सभी लोगों की इस पर राय ली जानी चाहिए तमाम बुद्धिजीवी और निगम से जुड़े तमाम जानकारों कि इस पर राय लेकर इस कानून को शामिल किया जाना चाहिए ताकि खरीद-फरोख्त जैसी तमाम संभावनाएं जो अब तक इस राज्य में इतिहास रहा है उसे खत्म किया जा सके.

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जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ पार्टी ने पहले ही अपना रुख साफ कर दिया है कि दल बदल कानून को लेकर सरकार को इसे गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए क्योंकि दल बदल कानून का अगर सख्ती से पालन नहीं हुआ तो पार्षदों के साथ खरीद-फरोख्त कर निगाहों के चुनाव को प्रभावित किया जा सकता है इसलिए इस पर व्यापक स्तर पर बातचीत होनी चाहिए.