रायपुर: गिरफ्तारी के बाद जेल परिसर में भी जारी रही नर्सों की हड़ताल

बीते 15 दिनों से हड़ताल पर बैठी नर्सों ने गिरफ्तारी के बाद भी हार नहीं मानी है. गिरफ्तारी के बाद भी नर्सों ने जेल परिसर में ही हड़ताल जारी रखी.

रायपुर: गिरफ्तारी के बाद जेल परिसर में भी जारी रही नर्सों की हड़ताल
जेल परिसर में भी नर्सों ने जारी रखी हड़ताल

नई दिल्ली/रायपुर: बीते 15 दिनों से हड़ताल पर बैठी नर्सों ने गिरफ्तारी के बाद भी हार नहीं मानी है. गिरफ्तारी के बाद भी नर्सों ने जेल परिसर में ही हड़ताल जारी रखी. दरअसल, वेतन वृद्धि की मांग के चलते रायपुर के सरकारी अस्पतालों की नर्सें बीते 15 दिनों से हड़ताल पर हैं. जिसके चलते अस्पतालों में हो रही अव्यवस्था को देखते हुए राज्य सरकार ने नर्सों की हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए 28 मई को नर्सों की हड़ताल पर एस्मा लगाया था. जिसके बाद गुरुवार की रात सीएमएचओ ने नर्सों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई. जिसके बाद सभी नर्सों को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन हार न मानते हुए नर्सों ने गिरफ्तारी के बाद भी हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया. जेल परिसर में भी नर्सों ने अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. जिसके बाद जेल परिसर में देर शाम तक खासा हंगामा होता रहा.

हड़ताली नर्सों से मिलने पहुंचे भूपेष बघेल
दरअसल, वेतन वृद्धि की मांग कर रही नर्सों को विरोध प्रदर्शन के दौरान 800 से अधिक नर्सों को गिरफ्तार तो कर लिया गया, लेकिन जेल में जगह न होने के कारण केवल 225 नर्सों को जेल में रख बाकी को रात में ही छोड़ दिया. जिसके बाद गुस्साई नर्सों ने जेल परिसर में ही हंगामा करना शुरू कर दिया. नर्सों ने पुलिस कार्यवाई को लेकर विरोध किया जिसके बाद जेल परिसर नर्सों के विरोध प्रदर्शन के सुरों से गूंजता रहा. नर्सों की गिरफ्तारी के बाद पीसीसी चीफ भूपेष बघेल भी नर्सों से मिलने जेल परिसर पहुंचे. जेल पहुंचने के बाद भूपेष बघेल ने नर्सों से बातचीत भी की. नर्सों का आरोप है कि सरकार नर्सों की हड़ताल पर कोई ध्यान नहीं दे रही है और न ही सरकार उनकी मांगे पूरी करने पर विचार कर रही है.

नर्सों की हड़ताल से परेशान मरीज
बता दें कि नर्सों की हड़ताल के बाद रायपुर के अस्पतालों में भारी अव्यवस्था फैली है. यही नहीं नर्सों की हड़ताल के चलते न तो कैंसर के मरीजों की कीमोथैरेपी हो पा रही है और न ही मरीजों को प्राथमिक उपचार मिल पा रहा है. आलम ये है कि डॉक्टर्स को ही मरीजों के इर्द-गिर्द घूमना पड़ रहा है. नर्सों के हड़ताल पर जाने के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग ने नर्सों को हड़ताल छोड़ ड्यूटी पर आने का आदेश जारी किया था, लेकिन अपनी मांग को लेकर नर्सों ने ड्यूटी पर आने से साफ मना कर दिया. जिसके बाद राज्य सरकार ने नर्सों की हड़ताल को अवैध बताते हुए नर्सों की हड़ताल पर एस्मा लगा दिया. एस्मा लगाने से भड़क गईं और उन्होंने हड़ताल से वापस आने को मना कर दिया. जिसके बाद नर्सों की गिरफ्तारी की गई.