विधायक निधि से छत्तीसगढ़ में टीकाकरण पर सियासत, बीजेपी नेताओं के पेट में उठने लगा दर्द

बीजेपी ने कहा कि ये सरकार का स्वयं का निर्णय है, लेकिन इसके लिए भी विपक्ष के विधायकों से बात करनी चाहिए थी. 

विधायक निधि से छत्तीसगढ़ में टीकाकरण पर सियासत, बीजेपी नेताओं के पेट में उठने लगा दर्द
प्रतीकात्मक तस्वीर

रायपुर: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की भूपेश बघेल सरकार (Bhupesh Baghel Govt) ने कोरोना टीकाकरण के लिए निर्णय लिया कि इस काम के लिए फंड का इस्तेमाल विधायक निधि से किया जाएगा. राज्य सरकार के इस फैसले के सामने आते ही बीजेपी विधायकों के पेट में दर्द उठने लगा. उन्होंने कांग्रेस सरकार पर हमला बोल दिया. बीजेपी विधायकों ने कहा कि यह गलत है, इस फैसले को लेकर विपक्ष से चर्चा नहीं की गई.

नेता प्रतिपक्ष ने सीएम बघेल को लिखा पत्र
मामले में राजनीति गरमाई हुई है, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिश ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा. उन्होंने कहा कि विधायक निधि की राशि को कोरोना टीकाकरण में खर्च को लेकर जारी सरकारी आदेश अनुचित है. कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हर एक की भूमिका अहम है, लेकिन इतने बड़े फैसले से पहले सरकार ने विपक्ष को विश्वास में नहीं लिया.

बीजेपी नेता ने कहा कि ये सरकार का स्वयं का निर्णय है, लेकिन इसके लिए भी विपक्ष के विधायकों से बात करना चाहिए थी. बीजेपी विधायक तो पहले ही जिला स्तर पर निधि की स्वीकृति कोरोना से बने हालातों से निपटने के लिए कर रहे हैं.

कांग्रेस बोली- केंद्र ने 2 साल तक सांसद निधि सस्पेंड की
बीजेपी के हमले के बाद कांग्रेस की ओर से कहा गया कि ये तो केंद्र सरकार को भी सोचना चाहिए. कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ये सरकार का सामयिक फैसला है. इस वक्त सबसे जरूरी लोगों की जान बचाना है, जिसके लिए टीकाकरण जरूरी है. बीजेपी को सवाल उठाने से पहले ये भी देखना चाहिए कि केंद्र सरकार ने किस तरह दो साल के लिए सांसद निधि संस्पेंड की है.

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