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शराबियों से परेशान जिला कार्यालय पहुंचीं छात्राएं, बोलीं- स्कूल के पास से हटाए जाएं ठेके

जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की ये जिम्मेदारी है कि शराब दुकान ऐसी जगहों पर नहीं खोलनी चाहिये जहां पास में शिक्षण संस्थाएं हैं.

शराबियों से परेशान जिला कार्यालय पहुंचीं छात्राएं, बोलीं- स्कूल के पास से हटाए जाएं ठेके
एडीएम एस.एन मोटवानी का कहना है कि सरकार को हर हाल मे शराब बेचना है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्लीः छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर खैरागढ़ ब्लॉक के ग्राम मुढ़ीपार कन्या माध्यमिक स्कूल की छात्रायें स्कूल जाने के बजाय सीधे जिला कार्यालय आ पहुंचीं और सीधी एडीएम से ये गुहार लगाई कि उनके स्कूल के पीछे काफी दिनों से शराब की भट्ठी है उसे हटाया जाये. छात्राओं की शिकायत है कि शराब दुकान की वजह से स्कूल में उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है. शराब की दुकान होने की वजह से परिजन भी उन्हें स्कूल भेजने से कतराते हैं और घर में ही रहने की सलाह देते हैं. जिसकी वजह से उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है.

शराब की दुकान में आने-जाने का रास्ता भी स्कूल के सामने से ही है. इस वजह से लोग यहां शराब पीकर स्कूल के पास से ही गुजरते रहते हैं, जिससे उन्हें स्कूल आने-जाने मे काफी परेशानी होती है. स्कूली छात्राओं का ये भी कहना है कि यदि शराब दुकान नही हटाई गई तो वे स्कूल जाना बंद कर देंगे. अब देखने वाली बात ये है कि सरकार को स्कूल के पास शराब बेचना कितना सही लग रहा. बता दें कि ये शराब दुकान काफी दिनों से यहां यहा संचालित हो रही है. जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की ये जिम्मेदारी है कि शराब दुकान ऐसी जगहों पर नहीं खोलनी चाहिये जहां पास में शिक्षण संस्थाएं हैं.

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लेकिन इन मासूम छात्राओं से ज्ञापन लेने वाले राजनांदगांव के ए.डी एम. जैसे जिम्मेदार अधिकारी की ये बात सुनकर तो और भी हैरानी होती है कि समस्या का समाधान निकालने के बजाय एडीएम साहब ने तो मामले से अपना पल्ला ही झाड़ लिया है. उन्होने इसके लिए ग्राम पंचायत को ही जिम्मेदार ठहरा दिया है. एडीएम एस.एन मोटवानी का कहना है कि सरकार को हर हाल मे शराब बेचना है क्योंकि एक बडे राजस्व की आय यहीं से हो रही है. अब शराब दुकान कहीं भी खोली जा सकती है.