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MP: 2000 से ज्यादा लावारिस शवों का अंतिम संस्कार, विधि-विधान से इस शख्स ने किया सबका पिंडदान

करीब 20 सालों से सुरेश अब तक करीब 2000 से अधिक लावारिसों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं. 

MP: 2000 से ज्यादा लावारिस शवों का अंतिम संस्कार, विधि-विधान से इस शख्स ने किया सबका पिंडदान
सुरेश तंवर (फोटो साभारः चंद्रशेखर सोलंकी)

नई दिल्ली: श्राद्ध पक्ष में हर कोई अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पूजा तर्पण करता है लेकिन एक शख्स ऐसा भी है जो अपनों के लिए नहीं बल्कि उन लावारिस शवों  का अंतिम संस्कार और तर्पण करता है. मध्य प्रदेश रतलाम के समाजसेवी सुरेश तंवर सुबह भगवान के मंदिर नहीं बल्कि जिला अस्पताल जाते हैं और वहां जब भी कोई लावारिस शव होता है, उसकी पुलिस फॉरमैलिटी को पूरा कर उसका अंतिम संस्कार कराते हैं. सुरेश तंवर न सिर्फ लावारिस शव का अंतिम संस्कार करते हैं बल्कि उनकी अस्थियों को अपने पास रखते हैं और फिर हरिद्वार जाकर विसर्जन कर पिंड दान भी करते हैं. 

सुरेश तंवर बताते है कि भाई को खोने के बाद सुरेश ने जैसे हर लावारिस शव के अंतिम संस्कार को अपना कर्तव्य मान लिया. किसी के भी शव के प्रति अगाध श्रद्धा भाव से सुरेश ऐसे जुट जाते हैं, जैसे वह किसी अपने के लिए ये सब कर रहे हों. करीब 20 सालों से सुरेश अब तक करीब 2000 से अधिक लावारिसों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं. 

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दरअसल शहर के जवाहरनगर निवासी 52 वर्षीय सुरेश तंवर का भाई सोहन करीब 20 साल पहले घर से बगैर कुछ कहे निकल गया था, जो अब तक नहीं लौटा, ना उसकी कोई खबर आई. बकौल सुरेश भाई की तलाश उन्होंने कहां-कहां नहीं की, लेकिन पता नहीं चल सका. उसके खोने के दो साल बाद से ही सुरेश के मन में आया कि उसे अब कुछ अलग करना है. सुरेश ने लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने की मन में ठानी और तब से लेकर ये सिलसिला अब तक चला आ रहा है.  सुरेश तंवर को उनकी इन अनूठी सेवा का फल भी मिला और 20 साल बाद घर से जा चुका भाई वापस लौट आया है, लेकिन सुरेश ने अपनी समाज सेवा बंद नहीं की और आगे भी चालू रखेंगे.