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ई-टेंडर घोटाले में गिरफ्तार अधिकारियों की रिमांड अवधि हुई खत्म, EOW की कोर्ट में पेश होंगे आरोपी

ईओडब्ल्यू ने कंपनियों के डायरेक्टरों को इस संबंध में नोटिस भी भेज दिया है और पेश होने के लिए कहा है. मिले सबूतों के आधार पर पूछताछ के बाद ही गिरफ्तारी की जाएगी.

ई-टेंडर घोटाले में गिरफ्तार अधिकारियों की रिमांड अवधि हुई खत्म, EOW की कोर्ट में पेश होंगे आरोपी
गिरफ्तार अधिकारियों को EOW न्यायाधीश संजीव पांडे की कोर्ट में पेश किया जाएगा
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नई दिल्लीः ई-टेंडर घोटाले में गिरफ्तार एमपीएसईडीसी के नोडल अधिकारी नंदकिशोर ब्रम्हे और ऑस्मो के आईटी डायरेक्टर विनय चौधरी सहित वरुण चतुर्वेदी, वरुण चतुर्वेदी और सुमित गोलवलकर की रिमांड अवदी आज समाप्त हो रही है. जिसके चलते आज ई-टेंडर घोटाले में गिरफ्तार अधिकारियों को EOW न्यायाधीश संजीव पांडे की कोर्ट में पेश किया जाएगा. बता दें EOW को ई-टेंडर घोटाले मामले में कई अहम सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर कंपनियों के डायरेक्टर्स से पूछताछ की जाएगी. ईओडब्ल्यू ने कंपनियों के डायरेक्टरों को इस संबंध में नोटिस भी भेज दिया है और पेश होने के लिए कहा है. मिले सबूतों के आधार पर पूछताछ के बाद ही गिरफ्तारी की जाएगी.

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बता दें ई-टेंडरिंग घोटाले मामले में ऑस्मो आईटी सॉल्यूशन कंपनी के तीन अधिकारी गिरफ्तार किए गए थे. जिनसे EOW की टीम पूछताछ कर रही थी और इन्हीं अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर अब आगे की कार्रवाई की जाएगी.. EOW की टीम तीनों अधिकारियों से ई-टेंडरिंग मामले में छोड़छाड़ संबंधी मामले पूछताछ कर चुकी है. बता दें ई-टेंडरिंग घोटाले में जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है. जहां 2014 से अभी तक करीब 3.5 लाख ऑनलाइन टेंडरों की होगी जांच. क्योंकि EOW को 2014 से 2017 के बीच हुए टेंडरों में घोटाले की आशंका है.

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इससे पहले सीपीएम ने ई-टेंडर घोटाले मामले में कमलनाथ सरकार को निशाने पर लेते हुए शक जाहिर किया था कि सरकार इस मामले में सुस्ती बरत रही है और मामले की सही से जांच नहीं कर रही है. सीपीएम ने अपने बयान में कहा था कि 'शिवराज सरकार के घोटालों पर कांग्रेस सरकार की चुप्पी और सुस्ती कहीं न कहीं संदेह के घेरे में आती हैं. पार्टी का इस तरह से इतने गंभीर मामले पर सुस्ती से काम करना बेहद संदेहास्पद है. कमलनाथ सरकार को जनादेश का पालन करते हुए मामले की जांच करना चाहिए और इस मामले से जुड़े लोगों की गिरफ्तारियों के साथ-साथ उनसे पूछताछ भी होनी चाहिए.'