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MP में प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण लागू, प्राइवेट कंपनी में 70% स्थानीय लोगों को नौकरी मिलेगी

70% स्थानीय लोगों को मिलने वाले रिजर्वेशन में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) को 22.5% और पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27% भी आरक्षण मिलेगा.

MP में प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण लागू, प्राइवेट कंपनी में 70% स्थानीय लोगों को नौकरी मिलेगी
फाइल फोटो

भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बेरोज़गारी दूर करने के लिए कमल नाथ (Kamal Nath) सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया. आज लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग (MSME) प्रोत्साहन नीति में आरक्षण नियम लागू कर दिया गया. दीपावली के ठीक एक दिन पहले राज्य सरकार ने प्राइवेट सेक्टर में 70 फीसदी स्थानीय लोगों को रिजर्वेशन देने का निर्णय किया. इसके साथ ही प्राइवेट कंपनियों को 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को मिलने वाले रिजर्वेशन में भी अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) को 22.5% और पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27% भी आरक्षण देना होगा. मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने वाली कंपनियां प्रदेश सरकार द्वारा दी जाने वाली रियायतों का फायदा तभी उठा पाएंगीं, जब वो स्थानीय लोगों रिजर्वेशन देंगीं.

इंदौर (Indore) में मेग्निफिसेंट एमपी का नारा देकर उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में इनवेस्टमेंट का न्योता देने के बाद राज्य सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है। इस नीति में मध्य प्रदेश में छोटे उद्योग लगाने वाले उद्यमियों के लिए रियायतों का पिटारा खोला गया था. जिसमें उद्योग लगाने में आने वाली लागत में अनुदान, मशीन की खरीद के लिए अनुदान और क्षेत्र के विकास के लिए 50% राशि मध्य प्रदेश सरकार देगी. इसके साथ ही प्रोडक्ट के सर्टिफिकेशन में भी प्रदेश सरकार 100% मदद देगी.

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शिवराज सरकार में मंत्री रहे बीजेपी विधायक विश्वास सारंग ने रिजर्वेशन वाली नीति पर कमलनाथ सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए. सारंग ने कहा कि ये पॉलिसी उद्योगपतियों को उलझाने वाली है. आरक्षण के ऐसे प्रावधान हैं जिससे उद्योग पतियों को अदालत के चक्कर काटने पड़ सकते हैं, इसमें आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) के लोगों के लिए आरक्षण नहीं दिया गया. ऐसे में कोई भी उद्योगपति मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने से कतराएगा. ये पॉलिसी केवल एक दिखावा है और मध्य प्रदेश के लोगों के साथ छलावा है.

मध्यप्रदेश के जनसंपर्क और कानून मंत्री पी सी शर्मा का कहना है कि ने कहा कि सरकार सारी रियायतें देगी. सीएम कमल नाथ की मंशा है कि मध्य प्रदेश में उद्योग बिना किसी बाधा के लगें. इसमें कंफ्यूजन जैसी कोई स्थिति पैदा नहीं होगी. सरकार उद्योगपतियों के साथ है. रिजर्वेशन इसलिए लागू किया गया है ताकि मध्य प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार मिल सके. हम विश्वास दिलाते हैं कि किसी उद्योगपति को कोर्ट के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी.