MP में सियासी हलचल जारी, सिंधिया समर्थक 6 विधायकों के इस्तीफे मंजूर, कमलनाथ सरकार में थे मंत्री

विधानसभा अध्यक्ष ने सिंधिया समर्थक इमरती देवी, तुलसी सिलावट, प्रद्युमन सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत और प्रभु राम चौधरी का इस्तीफा मंजूर कर लिया है.

MP में सियासी हलचल जारी, सिंधिया समर्थक 6 विधायकों के इस्तीफे मंजूर, कमलनाथ सरकार में थे मंत्री

भोपाल: मध्य प्रदेश में जारी सियासी उठापटक के बीच कांग्रेस के 6 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने सिंधिया समर्थक इमरती देवी, तुलसी सिलावट, प्रद्युमन सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत और प्रभु राम चौधरी का इस्तीफा मंजूर कर लिया है. गौरतलब है कि ये वही विधायक हैं जिन्हें शुक्रवार को ही मुख्यमंत्री कमलनाथ की सिफारिश पर राज्यपाल ने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था. स्पीकर एनपी प्रजापति ने अपने बयान में कहा, "विधायकों को तय समय पर बुलाया परंतु मीडिया पर बयान देते नजर आए और मेरे समक्ष उपस्थित नहीं हुए. उनके आचरण नियम विरुद्ध हैं, इसलिए इन छह विधायकों के इस्तीफे 10 मार्च 2020 की स्थिति में स्वीकार किए जाते हैं."

कमलनाथ ने लिखा गृहमंत्री अमित शाह को पत्र
इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है. उन्होंने गृहमंत्री से अनुरोध किया है कि वे सुनिश्चित करें कि बेंगलुरु में रखे गए 22 विधायक, बिना किसी डर के 16 मार्च से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए सुरक्षित रूप से पहुंच सकें.

बजट सत्र को लेकर व्हिप जारी
बजट सत्र को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों की मौजूदगी को लेकर व्हिप जारी कर दिया है. संसदीय कार्य मंत्री डॉ.गोविंद सिंह ने ये व्हिप जारी करते हुए कहा कि व्हिप का उल्लंघन करने वाले विधायकों पर पार्टी कार्रवाई कर सकती है. 16 मार्च से विधानसभा बजट सत्र शुरू होने वाला है. ऐसे में बीजेपी ने राज्यपाल के अभिभाषण से पहले फ्लोर टेस्ट की मांग की है. आज पूर्व सीएम शिवराज चौहान, नरोत्तम मिश्रा, रामपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव समेत कई नेताओं ने राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की और पत्र सौंपकर बहुमत परीक्षण की मांग की.

समझिए मध्य प्रदेश विधानसभा का गठित
मध्य प्रदेश में 2 विधायकों के निधन के बाद विधानसभा में कुल सीटें 228 थी. जिनमें सिंधिया समर्थक 22 विधायक, विधानसभा स्पीकर को अपना इस्तीफा भेज चुके हैं, 6 विधायकों का इस्तीफा मंजूर हो गया. वहीं कांग्रेस विधायक बिसाहू लाल सिंह बीजेपी का दामन थाम चुके हैं. ऐसे में अब महज 221 विधायक बाकी हैं. इस स्थिति में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा 111 का है. बीजेपी के पास कुल 107 विधायक हैं जबकि सरकार को 98 विधायकों का समर्थन हासिल है, जिनमें बीएसपी, एसपी और निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं. वहीं सिंधिया समर्थक 16 विधायकों का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है.

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