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मूसलाधार बारिश से अस्पताल में भरा पानी, मरीजों के साथ डॉक्टर भी हुए परेशान

स्पताल परिसर में बने नए ट्रॉमा सेन्टर जाने वाले रास्ते सहित किचन शेड, ब्लड बैंक सहित नीचे के फ्लोर मे बने वार्ड की तरफ जाने वाली गैलरी और महिला वार्ड में भी पानी भर गया है, जिसे अस्पताल के कर्मचारी निकालने में लगे हैं.

मूसलाधार बारिश से अस्पताल में भरा पानी, मरीजों के साथ डॉक्टर भी हुए परेशान
अस्पताल से पानी निकालते कर्मचारी

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश के सागर जिले में लगातार हो रही बारिश से जिला चिकित्सालय में जलभराव से बाढ़ जैसे हालात नजर आ रहे हैं. सागर में सुबह से हो रही झमाझम बारिश के चलते सागर जिला चिकित्सालय में हुये जल भराव से बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं. जिला चिकित्सालय का शायद ही ऐसा कोई कोना बचा हो जहां यह स्थिति ना देखी जा सकती हो. ऐसे में चिकित्सालय में इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों को इस स्थिति के कारण खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

बता दें शहर में सुबह से हो रही झमाझम बारिश ने जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों की दुविधा बढ़ा दी हैं. दरअसल, अस्पताल भवन के जगह-जगह से खस्ताहाल होने के चलते उनमें पड़ी दरारों के कारण छत पर भरा पानी रिस-रिस कर पूरे अस्पताल परिसर मे भर गया, जिसके चलते यहां आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है, तीमारदार अपने-अपने परिजनों को बाचने के लिए तरह-तरह की कोशिशों में लगे हैं.

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अस्पताल में पानी का आलम यह है कि समझ ही नहीं आ रहा कि वार्ड में मरीजों को इससे कैसे बचाया जाए. अस्पताल परिसर में बने नए ट्रॉमा सेन्टर जाने वाले रास्ते सहित किचन शेड, ब्लड बैंक सहित नीचे के फ्लोर मे बने वार्ड की तरफ जाने वाली गैलरी और महिला वार्ड में भी पानी भर गया है. वहीं यहां भर्ती मरीजों के साथ आए उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में सुबह से ही यही हाल है, जिसके चलते वह अपने परिजनों के स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंतित हैं.

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परिजनों के मुताबिक अस्पताल में कहीं भी न तो बैठने की जगह है और न ही सामान रखने की. वहीं बीमारों के ऊपर भी छत से पानी टपक रहा था, जिससे उन्हें किसी तरह से बचाया गया. अस्पताल में भरे पानी से निपटने के लिए अस्पताल प्रबंधन के पास कोई भी संसाधन नहीं है, जिससे वह भी लाचार नजर आ रहे हैं. वहीं जब इस संबंध में मौके पर मौजूद डॉक्टरों से सवाल किए गए तो वह भी गोलमोल जवाब देकर इससे बचने की कोशिश कर रहे हैं.