MP: राम मंदिर ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े की भूमिका पर हुई चर्चा, अब संतों ने रखी ये मांग

निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा 'अखाड़ा रामलला के पूजन के अधिकार की मांग करता रहा है. सुप्रीम कोर्ट भी केंद्र सरकार को ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े को समुचित प्रतिनिधित्व देने के निर्देश दे चुका है.'

MP: राम मंदिर ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े की भूमिका पर हुई चर्चा, अब संतों ने रखी ये मांग
निर्मोही अखाड़े के 15 प्रमुख संत सिद्धपीठ श्रीगंगादासजी की शाला में शामिल हुए.

ग्वालियर: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में सोमवार को निर्मोही अखाड़ा की अहम बैठक हुई. राम मंदिर निर्माण के लिए बनने वाले ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े की भूमिका और प्रतिनिधित्व तय करने को लेकर संतों में चर्चा हुई.

निर्मोही अखाड़े के 15 प्रमुख संत सिद्धपीठ श्रीगंगादासजी की शाला में शामिल हुए. चर्चा के दौरान सभी संतों ने निर्णय लिया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण प्रबंधन में निर्मोही अखाड़े को मुख्य भूमिका दी जाए.

साथ ही संतों ने मांग की है कि मंदिर के शिलान्यास से लेकर मंदिर के निर्माण तक निर्मोही अखाड़े के प्रमुख 15 पंचों को आवश्यक निर्णय लेने के लिए ट्रस्ट में शामिल किया जाए. साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट में पदाधिकारी तय करने और राम मंदिर में रामलला की सेवा पूजा का अधिकार भी निर्मोही अखाड़े के संतों को दिया जाए.

निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत मदनमोहन दास महाराज ने कहा 'अखाड़ा रामलला के पूजन के अधिकार की मांग करता रहा है. सुप्रीम कोर्ट भी केंद्र सरकार को ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े को समुचित प्रतिनिधित्व देने के निर्देश दे चुका है.'

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में शामिल होने के लिए अपना प्रतिनिधि तय करने को कहा है.

इस बैठक में निर्मोही अखाड़ा अयोध्या के महंत दिनेंद्र दास महाराज, चित्रकूट निर्मोही अखाड़े के महंत भगवान दास महाराज, कामतानाथ प्रमुख मुखारबिंद के सरपंच नरसिंह दास महाराज, गोवर्धन निर्मोही अखाड़े के महंत सीताराम दास महाराज, राजस्थान के रामसुरेश दास महाराज (राधे-राधे बाबा), निर्मोही अखाड़े के प्रमुख संरक्षक गुजरात के स्वामी रामचन्द्राचार्य महाराज, महंत जगदीश दास महाराज शामिल हुए.