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ट्रैक्टर का लोन चुकाने में तबाह हो गया किसान का घर, बैंक ने परिवार की तीसरी पीढ़ी को थमाया नोटिस

सतना जिले के छिबौरा निवासी रामचरण पटेल ने 2006 में इलाहाबाद बैंक शाखा चोरमारी से 3 लाख 85 हजार का कर्ज लिया था. 13 सालों से कर्जदार ने दस लाख 5 हजार 520 रुपये बैंक में जमा किए, मगर लोन खत्म नहीं हुआ. 

ट्रैक्टर का लोन चुकाने में तबाह हो गया किसान का घर, बैंक ने परिवार की तीसरी पीढ़ी को थमाया नोटिस
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: सतना के एक किसान ने 13 साल पहले बैंक से कर्ज लेकर एक ट्रैक्टर खरीदा था जिसकी किस्ते भरते-भरते किसान की दो पीढ़ियां खप गईं. इसके बाद भी परिवार कर्ज नहीं चुका पाया. तीन लाख 85 हजार कर कर्ज चुकाने के लिए कर्जदार किसान ने अब तक 10 लाख से ज्यादा राशि बैंक में दी इसके बावजूद कर्ज बढ़ता गया. अब दो लाख पचास हजार की बैंक बसूली के लिए लोन लेने वाले किसान के मृत होने के बाद उसकी तीसरी पीढ़ी को बकाया कर्ज पटाने की नोटिस जारी हुई है. खाने के दाने को मोहताज कर्जदार किसान का परिवार परेशान है कि इतना कर्ज चुकाए तो चुकाए कैसे. 

सतना जिले के छिबौरा निवासी रामचरण पटेल ने 2006 में इलाहाबाद बैंक शाखा चोरमारी से 3 लाख 85 हजार का कर्ज लिया था. 13 सालों से कर्जदार ने दस लाख 5 हजार 520 रुपये बैंक में जमा किए, मगर लोन खत्म नहीं हुआ. किसान रामचरण और उनका पुत्र लाइलाज बीमारी के शिकार हो गए और 2018 में दवा के अभाव में दोनों की मौत हो गई. किसान का परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया, मगर बैंक का कर्ज फिर बढ़कर ढाई लाख हो गया. बैंक ने कर्ज वसूली के लिए फिर से नोटिस जारी किया, ऐसे में किसान का परिवार परेशान है. 

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कर्ज के तले दबा किसान का पूरा परिवार टूट चुका है. पैरवी करने वाला भी अब कोई नहीं. किसान रामचरण ने मौत के दो दिन पूर्व एक मार्मिक पत्र बैंक प्रबंधक के नाम लिखा और बैंक के कर्ज को माफ करने की अपील की मगर एक साल से ज्यादा का बक्त बीत गया और कर्ज बढ़ता ही जा रहा है. हालांकि अब इस मामले में स्थानीय विधायक से बात की गई तो उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया और जल्द हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया है. वहीं लीड बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक की मानें तो यदि किसान की माली हालात ठीक नहीं है तो बैंक लोन ब्याज में छूट दे सकती है. इस पूरे मामले में जांच कराकर किसान की मदद की जाएगी.