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सतना जिले की जनपद पंचायत मझगवां में पदस्थ उपयंत्री सतीश समेले के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है. उन पर सरकारी कार्यों के निरीक्षण के दौरान बंदूक साथ ले जाने, अनुशासनहीनता बरतने और वित्तीय अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) शैलेंद्र सिंह ने चार पन्ने का निलंबन आदेश जारी किया है. साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के निर्देश देजे हुए एक माह के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है.
कारण बताओ नोटिस का दिया जवाब
सस्पेंशन की अवधि के दौरान, उनका मुख्यालय सतना में ग्रामीण इंजीनियरिंग सेवा विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के कार्यालय में तय किया गया है. उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके मौजूदा सेक्टर से जुड़े सभी आधिकारिक कार्यों से मुक्त कर दिया गया है. यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर सब-इंजीनियर समले का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे निर्माण कार्य का निरीक्षण करते समय बंदूक लिए हुए थे. शिकायत मिलने के बाद, जिला पंचायत स्तर पर इसकी जांच की गई. कारण बताओ नोटिस के जवाब में समेले ने काम की जगह पर बंदूक ले जाने की बात मानी, लेकिन उनकी सफाई को संतोषजनक नहीं माना गया.

25,000 रुपए लेने का आरोप
जांच के दौरान दूसरी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए हैं. आरोप है कि ग्राम पंचायत कैलाशपुर के लिए मंजूर शांतिधाम का निर्माण किसी दूसरे गांव में किया गया था और इस सिलसिले में ऑनलाइन के जरिए 25,000 रुपए लेने की शिकायत भी मिली है. जिला पंचायत CEO शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सब-इंजीनियर पर लगे आरोप गंभीर प्रकृति के हैं. विभागीय जांच के लिए जनपद पंचायत उचेहरा के CEO को जांच अधिकारी और जनपद पंचायत मझगवां के CEO को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है. एक महीने के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी किए गए हैं.
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