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सतना: लोगों ने लिया PM आवास योजना का पूरा पैसा, नहीं रखी एक भी ईंट, 4 हजार लोग चिन्हित

सतना जिले में अब तक 45 हजार पांच सौ एक गरीब परिवारों को सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृत की है.

सतना: लोगों ने लिया PM आवास योजना का पूरा पैसा, नहीं रखी एक भी ईंट, 4 हजार लोग चिन्हित
लगभग 4000 ऐसे भी हितग्राही हैं, जिन्हें राशि जारी की गई, मगर आवास ही नही बनाया गया.

सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले मे प्रधानमंत्री आवास योजना में जमकर घोटाला हुआ है. बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने मनमर्जी से अपात्रों को पीएम आवास की राशि बांटी है. सतना जिले में शुरुआती जांच में लगभग चार हजार लोग ऐसे मिले हैं, जिन्होंने आवास की राशि मिलने के बाद भी आवास नही बनाए हैं. जिले के 4 हजार लोग अपने ही पीएम आवास का पैसा खा गए हैं. वहीं, अब प्रशासन ने इन घोटालेबाज लोगों से आवास बनाने के लिए जारी हुई राशि वसूलने की कार्यवाही शुरू कर दी है.

प्रधानमंत्री आवास योजना में राशि लेकर आवास न बनाने वाले करीब 4 हजार लोग चिह्नित किए गए हैं. इन सभी ने पीएम आवास का पैसा तो लिया, लेकिन निर्माण नहीं किया. बताया जा रहा है कि यह राशि करोड़ों में है. ऐसे लोग अब प्रशासन के रडार पर हैं. कई पर प्राथमिकी दर्ज हुई है, कई को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है कि आपने आवास का निर्माण क्यों नहीं किया. इस मामले में लाभार्थियों के साथ सरकार के प्रतिनिधि भी घेरे में हैं. अधिकारियों ने कैसे बिना जांच के जीईओ टैगिंग की. टैगिंग के आधार पर ही हितग्राहियों को आवास की किश्त जारी होती है. जाहिर है कि उनकी मिलीभगत के बिना करोड़ों की राशि में हेरफेर संभव नहीं है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ ने सभी जनपदों से रिपोर्ट तलब की है और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

सतना जिले में अब तक 45 हजार पांच सौ एक गरीब परिवारों को सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृत की है. कुछ आवास बन गए और कुछ आज भी अधूरे पड़े हैं. लगभग 4000 ऐसे भी हितग्राही हैं, जिन्हें राशि जारी की गई, मगर आवास ही नही बनाया गया. पीएम आवास योजना के असली हकदार आज भी दर-दर भटक रहे हैं. वहीं, नोटिस मिलने के बाद फर्जी तरीके से राशि हड़पने वालों में हड़कंप मचा है. कुछ लोग अब मान रहे है कि उन्हें यह राशि लौटानी पड़ेगी और कुछ जरूरतमंद अभी इस आशा में है कि उन्हें अब इस योजना का लाभ मिलेगा.

बहरहाल नवागत सीईओ की सख्ती से प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर हड़कंप का माहौल है. उन हितग्राहियों में भी आशा की किरण जागी है, जिनकी आखिरी किश्त रुकी है और पंचायत ने तस्वीर खींचकर आवास को पूरा मान कर उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी कर दिया है. वहीं उन हितग्राहियों में हलचल है जिन्होंने राशि लेकर आवास ही नही बनाया और शासकीय राशि हजम कर ली.