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नाबालिग लड़कियों के लिए MP के शहर असुरक्षित, ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आंकड़ों में हुआ खुलासा

 इंदौर-भोपाल के अलावा ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर और उज्जैन में भी गायब होने वाली नाबालिग लड़कियों की संख्या बढ़ी है. 

नाबालिग लड़कियों के लिए MP के शहर असुरक्षित, ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आंकड़ों में हुआ खुलासा
प्रतीकात्मक तस्वीर

भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में नाबालिग लड़कियों के लापता होने का चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है. शहरी क्षेत्रों से लड़कियों के गायब होने की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जिसमें देश में सबसे स्वच्छ शहर इंदौर (Indore) का नाम सबसे ऊपर है. उसके बाद सबसे साफ-सुथरी राजधानी भोपाल (Bhopal) का नंबर आता है. इंदौर-भोपाल (Indore-Bhopal) के अलावा ग्वालियर (Gwalior), जबलपुर (Jabalpur), रीवा (Rewa), सागर (Sagar) और उज्जैन (Ujjain) में भी गायब होने वाली नाबालिग लड़कियों की संख्या बढ़ी है. 

सभी जिलों से गायब हुए बच्चों के आंकड़ों के विश्लेषण में ये खुलासा हुआ है कि शहरी इलाकों से सबसे ज्यादा बच्चियां गायब हो रही हैं. जबकि ग्रामीण इलाकों से गायब होने वाली नाबालिग लड़कियों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ है, वो कई जगह घटा है. इन आंकड़ों के बाद शहरी क्षेत्रों में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

भोपाल से 2018 में 386 नाबालिग लड़कियां गायब हुई थीं. 2019 में जनवरी से जून तक 256 नाबालिग लड़कियां गायब हुईं. पुलिस मुख्यालय के अपराध अनुसंधान विभाग से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में सबसे ज्यादा नाबालिग लड़कियां शहरी इलाकों से गायब हो रही हैं.

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ग्रामीण आबादी वाले जिलों में लड़कियों के गायब होने की संख्या या तो कम हो रही है या स्थिर है. 2018 में इंदौर से 593 लड़कियां गायब हुईं. वहीं, 2019 में जनवरी से जून तक 349 लड़कियां गायब हुईं, जो किसी एक साल और छह माह में प्रदेश के किसी भी जिले से गायब होने वाली लड़कियों की सर्वाधिक संख्या है.