'दमोह का Shaheen Bagh', जहां दिनभर महिलाएं तो रात में पुरुष कर रहे हैं CAA का विरोध

लोगों ने इस जगह को फिलहाल शाहीन बाग नाम देकर नागरिकता संशोधन क़ानून (Citizenship Amendment Act) और एनआरसी (NRC) के विरोध करने की जगह बना ली है. बीते 3 दिनों से यहां पूरे दिन और पूरी रात कानून की खिलाफत के नारे सुनाई दे रहे हैं. 

'दमोह का Shaheen Bagh', जहां दिनभर महिलाएं तो रात में पुरुष कर रहे हैं CAA का विरोध

दमोह (महेंद्र दुबे): दिल्ली (Delhi) के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) की तर्ज पर देश के अलग-अलग हिस्सों को शाहीन बाग बनाने की कोशिशें तेज होती दिख रही हैं. एमपी के दमोह (Damoh) में पिछले तीन दिनों से कुछ ऐसा ही हो रहा है,जहां अब महिलाएं भी आज़ादी के नारे लगा रही हैं. इन आज़ादी के नारों में अमूमन वो महिलाएं शामिल हैं, जो इससे पहले शायद कभी भी अपने घरों से सड़कों पर नहीं निकलीं.

दमोह का मुर्शीद बाबा मैदान (Murshid Baba Maidan) इन दिनों दमोह का शाहीन बाग़ बना हुआ है और लोगों ने इस जगह को फिलहाल शाहीन बाग नाम देकर नागरिकता संशोधन क़ानून (Citizenship Amendment Act) और एनआरसी (NRC) के विरोध करने की जगह बना ली है. बीते 3 दिनों से यहां पूरे दिन और पूरी रात कानून की खिलाफत के नारे सुनाई दे रहे हैं. मैदान पर महिलाओं का विरोध देखा जा रहा है. उनके हांथों में तख्तियां हैं, बैनर है, तादात भी बहुत बड़ी और जुबान पर आज़ादी के नारे. अपने घर का कामधाम छोड़कर यहां वो महिलायें विरोध करने आ रही हैं, जिन्होंने इससे पहले कभी भी इस तरह के प्रदर्शनों में हिस्सा नहीं लिया.

महिलाएं बाकायदा आंदोलनकारियों की तरह नारेबाजी करते हुए सरकार द्वारा बनाए गए कानून के खिलाफ ना सिर्फ खुद प्रदर्शन कर रही है, बल्कि अपने मासूम और छोटे-छोटे बच्चों को भी इस आंदोलन का हिस्सा बना रही हैं. हालांकि इस मैदान पर कौमी एकता के नारे और हिन्दू मुस्लिम भाई भाई के नारे भी सुनाई दे जाते हैं. 

वहीं, दूसरी तरफ शाम के बाद मोर्चा मुस्लिम समाज के पुरुष और युवा वर्ग संभालता है. मंच से खुलेआम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ बयानबाजी हो रही है. इस प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए भीम आर्मी सेना भी मैदान में है. भीम आर्मी के जिले के मुखिया कोमल प्रसाद अहीरवाल ने धरनास्थल भूख हड़ताल कर विरोध जाहिर कर दिया है तो खुले रूप से कोमल केंद्र सरकार को चेतावनी दे रहे हैं कि सरकार कानून वापस ले नहीं तो गुजरात में गोधरा कांड के बाद बने हालात पूरे देश में ना बन जाएं.

'दमोह के शाहीन बाग़' में मुस्लिम समुदाय के विभिन्न संगठन और स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन के सदस्य बड़ी संख्या में कानून की मुखालफत करने के लिए मैदान में हैं. स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष शेख सैफुद्दीन और एमआईएम के अध्यक्ष शेख सेफ उस्मानी कहते हैं कि जब तक सरकार कानून वापस नहीं लेगी, इस जगह पर आंदोलन प्रदर्शन जारी रहेगा.