शिवराज सरकार का अहम फैसला, ठेकों का लाइसेंस किया महंगा, शराब के शौकीनों को दिया तोहफा

अगर कोई ठेका संचालक दोबारा लाइसेंस नहीं लेता हो तो उस ठेके की फिर से नीलामी होगी और टेंडर निकाला जाएगा. 

शिवराज सरकार का अहम फैसला, ठेकों का लाइसेंस किया महंगा, शराब के शौकीनों को दिया तोहफा

भोपाल/मृदुल शर्माः शुक्रवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. जिनकी जानकारी चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मीडिया को दी. उन्होंने बताया कि कोरोना काल में आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में शराब के ठेकों का लाइसेंस फिर से लेने वाले लोगों के लिए लाइसेंस फीस 10 फीसदी बढ़ा दी है. यह लाइसेंस एक जून 2021 से 31 मार्च 2022 तक ठेकों के संचालन के लिए दिया जाएगा. वहीं अगर कोई ठेका संचालक दोबारा लाइसेंस नहीं लेता हो तो उस ठेके की फिर से नीलामी होगी और टेंडर निकाला जाएगा. 

शराब के शौकीनों के लिए खुशखबरी
शराब के शौकीनों के लिए खुशखबरी ये है कि सरकार ने आबकारी नीति में बदलाव करते हुए अब 90 मिलीलीटर की पैकिंग में भी शराब बेचने का फैसला किया है. इससे पहले 180 मिलीलीटर की पैकिंग में ही शराब आती थी. विश्वास सारंग ने कहा कि लोगों को शराब पीने से हतोत्साहित करने के लिए सरकार ने शराब पर दाम बढ़ाए लेकिन लोगों ने शराब की जगह रसायन पीने शुरू कर दिए, जिससे उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा. 

ऐसे में सरकार ने लोगों को रसायन पीकर अपनी सेहत को नुकसान पहुंचाने से बचाने के लिए 90 एमएल की पैकिंग में शराब बेचने का फैसला किया है. 90 एमएल की पैकिंग की शराब की कीमत भी 180 एमएल की तुलना में आधी होगी. 

पीएम आवास योजना को लेकर बड़ा फैसला
शिवराज सरकार ने पीएम आवास योजना को लेकर भी बड़ा फैसला किया है. इस फैसले के तहत पीएम आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों के लिए अब राजस्व विभाग नजूल की जमीन लीज पर नहीं बल्कि भू-स्वामी हक के आधार पर उपलब्ध कराएगा. साथ ही पहले जो जमीन दी गई थी उसे भी भू-स्वामी हक के अनुसार बदला जाएगा. इसके लिए कोई प्रीमियम भी नहीं देना होगा. छनेरा में दिए गए पट्टो को भी भू-स्वामी हक के अनुसार दिया जाएगा. सरकार के इस फैसले से 2392 लोगों को फायदा मिलेगा. 

प्रदेश में बढ़ रही शराब की खपत
एमपी में हर साल शराब की खपत बढ़ रही है. आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 2019-20 वित्तीय वर्ष में करीब 32 करोड़ 20 लाख लीटर शराब की खपत हुई है. यह खपत औसतन सालाना 21 फीसदी की दर से बढ़ रही है.