CAA को लेकर हुए बवाल के बाद अब जबलपुर में स्थिति सामान्य, इंटनेट सेवा बहाल, कर्फ्यू में सशर्त ढील

जबलपुर में इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है. वहीं, दोपहर 1 बजे से शाम 8 बजे तक कर्फ्यू में सशर्त ढील देने का फैसला किया गया है.

CAA को लेकर हुए बवाल के बाद अब जबलपुर में स्थिति सामान्य, इंटनेट सेवा बहाल, कर्फ्यू में सशर्त ढील
दोपहर 1 बजे से शाम 8 बजे तक कर्फ्यू में सशर्त ढील देने का फैसला किया गया.

जबलपुर: CAA (Citizenship Amendment Act) के विरोध में शुक्रवार को जबलपुर (Jabalpur) में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती दिखाई दे रही है. फिलहाल, शहर में इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है. वहीं दोपहर 1 बजे से शाम 8 बजे तक कर्फ्यू में सशर्त ढील देने का फैसला किया गया है.

बता दें कि CAA को लेकर बीते शुक्रवार को हनुमानताल थाना अंतर्गत रद्दी चैकी में पुलिस पर पथराव के बाद करीब 4 घंटे तक जमकर उपद्रव हुआ था. इस दौरान चार पुलिस वाले पथराव में घायल हो गए थे, वहीं कई गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की गई थी.

जिसके बाद जिला प्रशासन ने हालातों का जायजा लेने के बाद चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया था. वहीं, 36 घंटे बीतने के बाद रविवार दोपहर गोहलपुर थाने में बैठक आयोजित की गई. जिसमें कलेक्टर, एसपी, वित्तमंत्री और सामाजिक न्यायमंत्री के साथ कुछ स्थानीय जनप्रतिधि शामिल हुए. इस बैठक में विचार-विमर्श के बाद दोपहर 1 बजे से शाम 8 बजे तक कर्फ्यू में सशर्त ढील देने का फैसला किया गया. साथ ही इंटरनेट सेवाएं भी बहाल कर दी गई.

इस दौरान प्रदेश के वित्तमंत्री तरुण भनोट ने उपद्रवियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं उन पर पुलिस प्रशासन द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि जबलपुर को संस्कारधानी कहा जाता है, जो भी हुआ वह संस्कारधानी की परंपरा नहीं है. कुछ लोगों ने जनता को गुमराह कर भड़काने का काम किया है. इसलिए उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, एसपी अमित सिंह ने बताया कि हालात सामान्य हो रहे हैं और लोगों को घरों से निकलने की छूट दी गई है. जो बाजारों में जाकर खरीददारी कर सकते हैं. एसपी ने बताया कि इंटरनेट चालू होते ही भड़काऊ मैसेज भी भेजे जा रहे हैं. पुलिस एवं साइबर सेल द्वारा भड़काऊ और अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है.