close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

'रूप चौदस' के मौके पर महिलाओं में विशेष उत्साह, जानिए क्यों और कैसे मनाया जाता हैं यह खास त्योहार

धनतेरस के अगले दिन चतुर्दशी पर यह पर्व मनाया जाता है. इस दिन महिलाओं में सौंदर्य निखार को लेकर विशेष उत्साह रहता है. इस बार भी शहर में महिलाओं ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं.

'रूप चौदस' के मौके पर महिलाओं में विशेष उत्साह, जानिए क्यों और कैसे मनाया जाता हैं यह खास त्योहार

मध्य प्रदेश: आज के दिन 'रूप चौदस' यानी रूप को निखारने का दिन हैं. यह पर्व पांच दिवसीय दीपोत्सव के बीच में मनाए जाने वाला पर्व है. धनतेरस के अगले दिन चतुर्दशी पर यह पर्व मनाया जाता है. इस दिन महिलाओं में सौंदर्य निखार को लेकर विशेष उत्साह रहता है. इस बार भी शहर में महिलाओं ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. ब्यूटी पार्लरों पर भी इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. इसको लेकर सुबह से ही ब्यूटी पार्लरों में महिलाओं की भीड़ दिखाई देने लगी है. ब्यूटी पार्लर में रूप चौदस पर मिलने वाली भीड़ से बचने के लिए इन पर एडवांस और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी दी गई हैं. हालात यह हैं की ब्यूटी पार्लर आबाद नजर आ रहे हैं.

हालांकि, इन सबसे अलग रूप चौदस का धार्मिक महत्व कुछ और होता है. दीपावली से ठीक एक दिन पहले मनाए जाने वाले इस त्योहार को नरक चतुर्दशी, काली चतुर्दशी के नामों से भी जाना जाता है. ऐसी मान्यता है की दिवाली से पहले रूप चौदस के दिन घर के कई हिस्सों में यम के लिए दीपक जलाते हैं. मान्यता के अनुसार इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर उबटन, तेल आदि लगाकर स्नान करना चाहिए.

देखें लाइव टीवी

पांच दिवसीय दीपोत्सव के बीच का यह पर्व रूप चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी या यम चतुर्दशी भी कहां जाता है. इस दिन यम पूजन किया जाता है तथा 14 दीपक जलाए जाते हैं. माना जाता है कि यम पूजन से अकाल मृत्यु या नरक में जाने का भय नहीं रहता तथा पापों से मुक्ति मिलती है. यह सौंदर्य में वृद्धि का दिन माना गया है.

धर्मिक ज्ञाताओं के अनुसार कहानी बताई जाती है की आज के दिन श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी के साथ नरकासुर नामक दैत्य का वध किया था और वपास अपने महल आकर तेल से स्नान कर उघटन लगाया था. तब से यह प्रथा चली आ रही है इस दिन जो व्यक्ति उघटन व तेल से स्नान करता है उसे नरक से मुक्ति मिलती है स्वर्ग की प्राप्ति होती है तथा सौंदर्य निखरता है और शरीर को रोगों से मुक्ति मिलती है.