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बस्तर के नक्सलगढ़ में मना स्वतंत्रता दिवस, जिस स्कूल को नक्सलियों ने तोड़ा विद्यार्थियों ने वहीं फहरा दिया तिरंगा

एरपुंड में ग्रामीणों का जज्बा इस कदर बुलंद था कि एक ही गांव में ग्रामिणों ने तीन तिरंगे फहरा दिए.

बस्तर के नक्सलगढ़ में मना स्वतंत्रता दिवस, जिस स्कूल को नक्सलियों ने तोड़ा विद्यार्थियों ने वहीं फहरा दिया तिरंगा
अबूझमाड़ का ये इलाका नक्सलियों की गहरी पैठ का इलाका है

अविनाश प्रसाद, बस्तर: देश और दुनिया के लिए अब तक अबूझ रहा नक्सल गढ़ बस्तर का अबूझमाड़ आज 15 अगस्त को देश भक्ति के नारों से गूंज उठा. जिन गांवों में नक्सली काले झंडे फहराया करते थे वहां 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ग्रामीणों ने तिरंगा फहराकर देश भक्ति के नारे लगाए. नक्सलियों के इस इलाके में देशभक्ति से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम की गवाह जी मीडिया की टीम भी बनी.

इस मौके पर अबूझमाड़ के दक्षिणी हिस्से में बसे ग्राम एरपुंड की सरपंच बसंती ने बताया कि अबूझमाड़ के दक्षिणी द्वार माने जाने वाले हर्राकोडेर, एरपुंड, पिच्ची कोडेर, बोदली, घोटिया आदि गांव नक्सलियों की गहरी पैठ के गांव हैं. यहां नक्सलियों ने अधिकतर पाठशालाएं, आश्रम भवन ढहा दिए हैं. लेकिन ग्रामीण नक्सलवाद के खिलाफ आवाज बुलंद कर चुके हैं. नक्सलियों को जवाब देने के लिए बच्चे उन्हीं ढह चुके स्कूल और आश्रमों में रहकर शिक्षा हासिल कर रहे हैं. आज पिच्चीकोडेर के खंडहर हो चुके स्कूल में बच्चों ने तिरंगा लहराकर और देश भक्ति के नारे लगाकर न केवल नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया बल्कि अपने इरादे भी जाहिर कर दिए कि वे बंदूक नहीं किताब चाहते हैं.

यही नहीं एरपुंड में ग्रामीणों का जज्बा इस कदर बुलंद था कि एक ही गांव में ग्रामिणों ने तीन तिरंगे फहरा दिए. आपको बता दें कि इस इलाके तक पहुंचना ही अपने आप में एक चुनौती से कम नहीं है. उफनते नाले पार करके ही यहां पहुंचा जा सकता है. शिक्षक सुरन राम कहते हैं कि इस इलाके में आना खतरनाक है. आज के दिन मैं उफनती नदी पार कर आया हूं. ग्रामीण खुशी से स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं. ग्रामीण मंगल ने बताया कि वे भारत माता की पूजा करते हैं और इसलिए तिरंगा फहराने से पूर्व अगरबत्ती जलाते, नारियल फोड़ते और तिरंगे की पूजा करते हैं. नक्सलियों ने इस इलाके के कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया है पर वे नक्सलियों के साथ नही बल्कि लोकतंत्र के साथ हैं. 

दरअसल अबूझमाड़ का ये इलाका नक्सलियों की गहरी पैठ का इलाका है. लेकिन, सुरक्षाबलों की मौजूदगी और ग्रामिणों की देशभक्ति ने यहां नक्सलियों के हौसले पस्त कर दिए हैं. सहायक कमांडेंट सीआरपीएफ 195 बटालियन राजीव सिंह कहते हैं कि ये इलाका नक्सलियों का हब है और हम नक्सलियों के इस लाल गलियारे को ढहा रहे हैं. अबूझमाड़ में नक्सलियों के लाल गलियारे पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश के तिरंगे को शान से लहराता देख ग्रामिणों के चेहरों में गजब की खुशी थी.