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मध्य प्रदेश के इस सरकारी स्कूल में बच्चों को देनी पड़ती है फीस, जानिए क्या है मामला

इस हाई स्कूल के प्राचार्य भी फीस वसूले जाने की बात कबूल करते है. प्राचार्य का कहना है कि फीस वसूली का स्कूल में कोई हिसाब नहीं है.

मध्य प्रदेश के इस सरकारी स्कूल में बच्चों को देनी पड़ती है फीस, जानिए क्या है मामला
पूर्व प्राचार्य ने इस मामले को लेकर चुप्पी साध ली है. वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच की बात कर रहे हैं.

बड़वानी: सरकारी स्कूलों में बदहाल व्यवस्था की बात आपने कई बार सुनी होगी. ऐसा ही एक स्कूल मध्य प्रदेश में सामने आया है. यहां पढ़ने वाले बच्चों से पिछले 4 साल से स्कूल द्वारा फीस के रूप में 600 से 700 रुपये वसूले जा रहे हैं. आप सोच रहे होंगे कि सरकारी स्कूल में कैसी फीस, तो इसका जवाब तो उन बच्चों के पास भी नहीं है जिनसे फीस वसूली जा रही है. दरअसल, राज्य के बड़वानी में एक हाईस्कूल ऐसा भी है, जहां बच्चों से पिछले 4 वर्षों से फीस वसूली जा रही है. बच्चों को इसकी रसीद तक नही दी जाती है. 

इस हाई स्कूल के प्राचार्य भी फीस वसूले जाने की बात कबूल करते है. प्राचार्य का कहना है कि फीस का स्कूल में कोई हिसाब नहीं है. वहीं, पूर्व प्राचार्य ने इस मामले को लेकर चुप्पी साध ली है. वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच की बात कर रहे हैं. मामला पानसेमल विकासखंड के मलफ़ा स्थित हाई स्कूल का है. यहां बच्चों से फीस के रूप 600 से 700 रुपये वसूले जाते हैं. स्कूल में नए आए प्राचार्य भी स्कूल में फीस वसूली की बात मानते हुए कहते हैं कि मुझे आए हुए 8 दिन हो गए, लेकिन अब तक प्रभार भी नहीं दिया गया. बच्चों से पिछले 4 सालों से फीस वसूली जा रही है.

 

इस मामले में स्कूल के पूर्व प्राचार्य से बात की गई, तो उन्होंने जवाब देने से इनकार तक दिया. वहीं, पानसेमल विकासखंड के बीईओ द्वारा मामले की जानकारी से अनभिज्ञता दर्शाते हुए कहा गया कि आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है. मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई जाएगी. बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा के साथ-साथ यूनिफॉर्म, पाठ्य सामग्री और साइकिल वितरण करती है.