VIDEO: कभी पांडवों ने पाई थी जीत, क्या उसी 'शत्रु विजय यज्ञ' से बनी महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार!

स्वीरों को देखकर पता चलता है कि इस 'अचूक' पूजा के बाद पंडितों ने देवेंद्र फडणवीस को मां बगलामुखी की तस्वीर भी भेंट की थी.

VIDEO: कभी पांडवों ने पाई थी जीत, क्या उसी 'शत्रु विजय यज्ञ' से बनी महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार!
मां बगलामुखी मूलत: तंत्र की देवी हैं. मान्यता है कि मध्य प्रदेश के नलखेड़ा में चमत्कारिक मां बगलामुखी मंदिर द्वापर काल से मौजूद है.

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में शनिवार बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. लंबे समय से चली आ रही सियासी उठापटक पर फिलहाल विराम लग गया है. हालांकि, महाराष्ट्र की राजनीति में अभी भी पेंच फंसा हुआ है. दरअसल, शनिवार को देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वहीं, अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है. आज इस मामले पर सुनवाई भी होनी है. इन सबके बीच देवेंद्र फडणवीस की 'अचूक' पूजा की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कहा जा रहा है कि इसी पूजा के चलते फडणवीस दोबारा सत्ता पर काबिज हो सके हैं.

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में सीएम देवेंद्र फडणवीस पूजा करते नजर आ रहे हैं. वहीं, इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि फडणवीस ने यह पूजा महाराष्ट्र का दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लिए करवाई है. इस पूजा को 'शत्रु विजय यज्ञ' कहा जाता है. वहीं, दावा किया जा रहा है कि यह पूजा मध्यप्रदेश के आगर मालवा के नलखेड़ा में स्थित मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों द्वारा कराई गई है. वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है कि देवेंद्र फडणवीस इस पूजा में शामिल हैं. साथ ही फडणवीस यज्ञ कुंड की आरती करते हुए भी नजर आ रहे हैं. 

यहां देखें पूजा का वीडियो:-

इस वीडियो को लेकर किए जा रहे किसी भी दावे की पुष्टि Zee न्यूज MPCG नहीं करता है. वहीं, यह वीडियो कब का है, इसके बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है. तस्वीरों को देखकर पता चलता है कि इस 'अचूक' पूजा के बाद पंडितों ने देवेंद्र फडणवीस को मां बगलामुखी की तस्वीर भी भेंट की थी. बता दें कि मध्य प्रदेश के आगर मालवा स्थित मां बगलामुखी मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां पांडवों ने कौरवों पर विजय पाने के लिए शत्रु विजय यज्ञ किया था. शत्रु विजय यज्ञ के बाद पांडवों को महाभारत के युद्ध में जीत हासिल हुई थी.

तंत्र की देवी हैं मां बगलामुखी
मां बगलामुखी मूलत: तंत्र की देवी हैं. मान्यता है कि मध्य प्रदेश के नलखेड़ा में चमत्कारिक मां बगलामुखी मंदिर द्वापर काल से मौजूद है. मां बगलामुखी मंदिर तांत्रिक क्रियाओं के लिए जाना जाता है. मान्यता है कि महाभारत से पहले यहां पर पांडवों ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रेरणा से कौरवों पर जीत हासिल करने के लिए तंत्र साधना की थी. ऐसा माना जाता है कि यहां यज्ञ करने पर शत्रुओं पर विजय प्राप्ति होती है. तंत्र-मंत्र क्रियाओं के साथ यज्ञ करने के लिए यह मंदिर विश्व भर में प्रसिद्ध है.

कई दिग्गज करवा चुके हैं तंत्र साधना
मां बगलामुखी मंदिर में कई दिग्गज भी तंत्र साधना करवा चुके हैं. यहां तंत्र साधना करवा चुके लोगों में अभिनेता से लेकर बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं. मां बगलामुखी मंदिर में तंत्र साधना करवाने वालों में केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी, पूर्व सांसद उमा भारती, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, अमर सिंह समेत कई नाम शामिल हैं. माना जाता है कि इनमें से सभी को विजय हासिल हुई है. 

राम मंदिर के लिए किया गया 'शत्रु विजय यज्ञ'
मां बगलामुखी मंदिर में राम मंदिर के लिए भी शत्रु विजय यज्ञ किया गया था. नलखेड़ा में लखुंदर नदी के तट पर बना यह मंदिर श्मशान क्षेत्र में स्थित है. यहां तंत्र साधना के लिए विशेष प्रकार के यज्ञ, हवन या पूजा-पाठ किए जाते हैं.

महारुद्र की मूलशक्ति के रूप में होती है पूजा
मां बगलामुखी को महारुद्र (मृत्युंजय शिव) की मूल शक्ति के रुप में पूजा जाता है. तीन मुखों वाली मां के मस्तक पर तीसरा नेत्र व मणि है. मंदिर में मां बगलामुखी के साथ श्रीकृष्ण, हनुमान, भैरव, लक्ष्मी और मां सरस्वती की प्रतिमाएं भी हैं. ऐसी मान्यता है कि मंदिर की स्थापना युधिष्ठिर ने की थी. युधिष्ठिर द्वारा किए गए शत्रु विजय यज्ञ के दौरान स्वयंभू मां बगलामुखी की प्रतिमा प्रकट हुई थी.