कभी ट्रेन की सवारी भी बच्चों के लिए थी मुश्किल, टीचर ने हवाई जहाज की सैर करवाई

गांव में रहने वाले कई बच्चे जो ट्रेन में भी नहीं बैठ पाते हैं उनके लिए हवाई जहाज में बैठना बहुत बड़ी बात है.

कभी ट्रेन की सवारी भी बच्चों के लिए थी मुश्किल, टीचर ने हवाई जहाज की सैर करवाई
टीचर किशोर कनासे ने बच्चों को हवाई जहाज की सैर करवाई.

देवास: सुविधाओं, संसाधनों की कमी से जूझ रहे सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए हवाई सफर करना एक सपने जैसा ही है. गांव में रहने वाले कई बच्चे जो ट्रेन में भी नहीं बैठ पाते हैं उनके लिए हवाई जहाज में बैठना बहुत बड़ी बात है. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के देवास में आगरोद संकुल के ग्राम बिजेपुर स्कूल के हेडमास्टर किशोर कनासे ने अपने खर्चे पर 18 से ज्यादा बच्चों को हवाई जहाज की सैर करवाई. ऐसा पहली बार ही हुआ होगा जब किसी शिक्षक ने अपने खर्च पर बच्चों को हवाई यात्रा करवाई हो.

वैसे तो अक्सर सरकारी स्कूल के टीचरों की लापरवाही की खबरें ही ज्यादा सुनने को मिलती हैं. लेकिन ऐसे में किशोर कनासे सरकारी टीचर के रूप में एक अपवाद ही हैं. किशोर ने अपने निजी प्रयासों से हवाई जहाज की यात्रा के अलावा बच्चों को और कई जगहों पर भी ले गए. किशोर बच्चों को दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किला, संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और कुतुब मीनार और अक्षरधाम मंदिर व कनॉट प्लेस जैसे दर्शनीय स्थानों पर भी ले गए. इस अकल्पनीय यात्रा में किशोर और स्कूली बच्चों के अलावा स्कूल के ही दो और टीचर आशा तिलोदिया और नितीन गुप्ता भी थे.

बता दें कि किशोर समय-समय पर अपने स्कूल के बच्चों के लिए अपने पैसों से किताब, कापियां, स्कूल बैग और स्वेटर की व्यवस्था भी करते हैं. इसके साथ ही बच्चों के शारीरिक विकास के लिए किशोर साल में एक बार खेल प्रतियोगिता का आयोजन भी करवाते हैं.

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