टिकटॉक से भी आसान ऐप बनाया, आत्मनिर्भर भारत के सपने को गांव के बच्चों ने पंख लगाया

लॉकडाउन के दौर में व चीन से नोकझोंक के बीच चाइनीज ऐप का बैन हो जाने के बाद इसका विकल्प तलाश करने के लिए प्रयास शुरू हो गए थे. इन विकल्प की तलाश में बैतूल जैसे आदिवासी बाहुल्य के शाहपुर जैसे कस्बे में टिकटॉक से भी बेहतर ऐप बना दिया.

टिकटॉक से भी आसान ऐप बनाया, आत्मनिर्भर भारत के सपने को गांव के बच्चों ने पंख लगाया
दोनों भाई और ऐप

बैतुल: मध्य प्रदेश के बैतूल में गांव के दो भाईयों ने कमाल कर दिया. इन्होंने देसी टिकटॉक बना दिया जिसका नाम वी शॉट्स रखा गया है. आत्मनिर्भर भारत की ऐसी तस्वीर बैतूल में देखने को मिल रही है. 12वी कक्षा के छात्र और उनके रिश्ते के भाई ने टिकटॉक यूजरों को निराश नहीं होने दिया. चीन के ऐप टिकटॉक बन्द होने के बाद हजारों लाखों युवा निराश भी थे और सरकार के फैसले के साथ भी. युवाओं के लिए सोशल मीडिया पर टिकटॉक से बेहतर विकल्प उपलब्ध नहीं था.

विधायक के इस्तीफे पर कांग्रेस बोली- सरकार बचाने को एक और खरीदी, BJP-कमलनाथ ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह

 

टिकटॉक से भी आसान ऐप
लॉकडाउन के दौर में व चीन से नोकझोंक के बीच चाइनीज ऐप का बैन हो जाने के बाद इसका विकल्प तलाश करने के लिए प्रयास शुरू हो गए थे. इन विकल्प की तलाश में बैतूल जैसे आदिवासी बाहुल्य के शाहपुर जैसे कस्बे में टिकटॉक से भी बेहतर ऐप बना दिया. इस ऐप को 12वीं के छात्र ने अपने कजिन भाई की मदद से डेवलप किया है. इसको पब्लिक के लिए दशहरे पर लॉन्च किया जाएगा. यह गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध होगा. इसे डेवलप करने वाले वेदांश जैन और हरदा निवासी उनके बुआ के बेटे अनुराग पंचोली ने इस ऐप का नाम वी शॉट्स रखा है. उनके मुताबिक इसे ऑपरेट करना टिकटॉक से भी आसान है. 

पूर्ण स्वदेशी ऐप
इंस्ट्राग्राम, फेसबुक, टि्वटर ,गूगल, ईमेल के माध्यम से इस एप पर जा सकते है. इस का यूज करने वालों की प्रोफाइल होना जरूरी है. वेदांश जैन ने बताया कि इसमे कई नए फीचर भी है जो टिक टॉक में भी नहीं थे. उनका कहना है कि यह पूरी तरह से स्वदेशी है. इससे जो भी आय होगी वह देश में ही रहेगी. वहीं यूजर भी इससे कमाई कर सकते है. 

स्कूल प्रबंधन भी काफी खुश
वेदांश कक्षा 12वीं का छात्र है और पूरा आइडिया ओर क्रिएशन उसका ही है. वहीं अनुराग ने अपने आईटी अनुभव से उसका मार्गदर्शन किया है. इस ऐप को बनाने में करीब 5 लाख खर्च हो चुके है. वेदांश के इस कार्य से स्कूल प्रबंधन भी काफी खुश है. वेदांश के स्कूल की डायरेक्टर ऋतु खंडेलवाल का कहना हैं कि हमारे स्कूल के छात्र वेदांश जैन और उनके परिजन आदित्य पंचोली एक बेहतरीन ऐप तैयार किया है जो चाइना के टिकटॉक ऐप का बहुत अच्छा विकल्प उभर कर आ सकता है. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हैं कि हमें हमारे स्वदेसी विकल्प तैयार करना है और आत्मनिर्भर बनना है.  स्कूल की डायरेक्टर ने कहा हमारे स्कूल के लिए यह गर्व की बात है. वेदांश को अच्छी सफलता मिले. 

सेलिब्रिटी भी जल्द जुडेंगे
अनुराग पंचोली का कहना हैं कि सेंट्रल गवर्नमेंट ने चाइना एप बैन किया तो ऐसा लगा कि एक एप्लीकेशन तैयार करना चाहिए. इसलिए हमने ऐसा ऐप तैयार किया है जिससे यूजर खुद वीडियो अपलोड कर सकते है. इससे सेलिब्रिटी भी जुड़ने वाले हैं ,कुछ वीडियो अपलोड किए है. यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध होगा. आत्मनिर्भर भारत को लेकर यह प्रयास है कि इस ऐप से जो भी इनकम होगी वह देश में ही रहेगी.

क्या है रावण के नाम का अर्थ, क्यों कहते हैं दशानन? जानें कुछ खास फैक्ट्स

 

अपने मूड के हिसाब से वीडियो बनाए
वेदांश जैन का कहना हैं कि हमारे ऐप में बहुत सारे फीचर्स है. जिसमें मोनेटाइजेशन फीचर शॉट वीडियो ऑडियो, अपलोड फीचर कैटेगरी, फीचर कैटेगरी में अपने मूड के हिसाब से वीडियो देखे जा सकते है.