कोरोना से बचाव के लिए इस बुजुर्ग ने 15 दिनों से पेड़ पर ही जमाया डेरा, वजह जानेंगे तो आप भी करेंगे तारीफ

इंदौर के एक बुजुर्ग ने ऑक्सीजन की कमी से निपटने और कोरोना से बचाव के लिए ऐसा तरीका निकाला है कि आप भी सुनेंगे तो चौंक जाएंगे. 

कोरोना से बचाव के लिए इस बुजुर्ग ने 15 दिनों से पेड़ पर ही जमाया डेरा, वजह जानेंगे तो आप भी करेंगे तारीफ
प्रतीकात्मक तस्वीर

इंदौर/शैलेंद्र सिंहः कोरोना महामारी के बीच देश में ऑक्सीजन की कमी की खबरें आए दिन सुनने को मिल रही हैं. ऐसे में इंदौर के एक बुजुर्ग ने ऑक्सीजन की कमी से निपटने और कोरोना से बचाव के लिए ऐसा तरीका निकाला है कि आप भी सुनेंगे तो चौंक जाएंगे. दरअसल ये बुजुर्ग बीते 15 दिनों से पीपल के पेड़ पर ही अपना दिन बिता रहे हैं. इसकी वजह ये है कि पीपल का पेड़ 24 घंटे ऑक्सीजन देता है, इसलिए बुजुर्ग पेड़ से पर्याप्त मात्रा में प्राणवायु लेने के लिए ऐसा कर रहे हैं. 

पेड़ पर ही कर रहे योगा
रंगवासा के रहने वाले 67 वर्षीय राजेंद्र पाटीदार का कहना है कि वह रोज शुद्ध हवा और ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए 24 घंटे ऑक्सीजन देने वाले पीपल के पेड़ पर रहते हैं. बुजुर्ग को सुबह से शाम तक जब भी मौका मिलता है वह पेड़ पर अपना डेरा जमा लेते हैं. वह पेड़ पर कुर्सी लेकर बैठ जाते हैं और वहीं पर कपाल भाती और प्राणायाम जैसे योग भी करते हैं. राजेंद्र पाटीदार कहते हैं कि इसी वजह से इतनी उम्र में भी उनके शरीर में ऑक्सीजन का लेवल 99 फीसदी है. 

साथ ही 67 साल की उम्र में पेड़ पर चढ़ने से उनका व्यायाम भी हो जाता है और वह फिट रहते हैं. बीते 15-20 दिनों से पाटीदार अपने दिन का काफी हिस्सा पेड़ पर ही बिताते हैं. शुरुआत में उनका परिवार उनकी इस आदत से परेशान था लेकिन अब वह भी खुश हैं और पेड़ पर ही उन्हें सारी चीजें मुहैया कराते हैं. अगर किसी को उनसे बात करनी हो तो वो पेड़ पर बैठे बैठे ही लोगों से संवाद करते हैं. 

राजेंद्र पाटीदार दावा करते हैं कि जो लोग पीपल के पेड़ के साथ प्राण वायु की जुगलबंदी करते हैं, उन्हें कोरोना का खतरा कम रहेगा, साथ ही ऑक्सीजन लेवल भी सामान्य रहेगा. बता दें कि राजेंद्र पाटीदार की देखा-देखी गांव के कई अन्य बुजुर्ग भी पेड़ों के नीचे बैठकर अपने शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ाने में जुटे हैं.