मेडिकल कॉलेज पर सियासी घमासान, रमन, सिंधिया, गोयल ने साधा निशाना, बघेल ने किया पलटवार

दुर्ग के चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज को लेकर केंद्रीय मंत्रियों और पूर्व सीएम रमन सिंह ने सीएम भूपेश बघेल पर निशाना साधा है. 

मेडिकल कॉलेज पर सियासी घमासान, रमन, सिंधिया, गोयल ने साधा निशाना, बघेल ने किया पलटवार
सीएम भूपेश बघेल और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

सत्य प्रकाश/रायपुरः छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार दुर्ग में स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण की कवायद कर रही है. सरकार इस सिलसिले में विधानसभा में विधेयक लाने वाली है. 20 जुलाई को हुई भूपेश बघेल कैबिनेट में इसे हरी झंडी मिल चुकी है. लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है. एक अखबार में छपी खबर का हवाला देते हुए पूर्व सीएम रमन सिंह और कई केंद्रीय मंत्रियों ने आरोप लगाया है कि सीएम भूपेश बघेल अपने रिश्तेदार के कॉलेज को बचाने के लिए ये विधेयक ला रहे हैं. 

इन मंत्रियों ने ट्वीट कर साधा निशाना 
इस मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पीयूष गोयल, पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने ट्वीट कर बघेल सरकार पर निशाना साधा है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ''भूपेश बघेल अपने दामाद का निजी महाविद्यालय बचाने के लिए उसे सरकारी कोष से खरीदने की कोशिश में हैं. कौन बिकाऊ है और कौन टिकाऊ इसकी परिभाषा अब साफ है'' 

इसी तरह केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ''भ्रष्टाचार का इतिहास अपार, डूबे रहते कांग्रेसी परिवारः कर्ज में डूबे कॉलेज का अधिग्रहण कर जनता के पैसे का दुरुपयोग करना सरासर धोखा है. छत्तीसगढ की जनता की गाढी कमाई भ्रष्टाचार की भेंट चढाने के लिये नहीं, बल्कि राज्य के विकास के लिये है.''

यह मामला गम्भीर है!: रमन सिंह 
वहीं पूर्व सीएम रमन सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ''यह मामला गम्भीर है! सीएम भूपेश बघेल अपने रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण के लिए विधेयक ला रहे हैं. 2017 में जिस कॉलेज की मान्यता खत्म हो गई, उसे ₹125 करोड़ सरकारी खजाने से लेकर मुख्यमंत्री के परिवार को देने की तैयारी चल रही है.''

सीएम बघेल ने भी किया पलटवार 
पूर्व सीएम रमन सिंह और केंद्रीय मंत्रियों के निशाना साधने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पलटवार किया. सीएम भूपेश बघेल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए बैक टू बैक 3 ट्वीट किए. सीएम ने पहले ट्वीट में लिखा, ''चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज पर प्रकाशित एक समाचार पर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. वे सब निराधार है. यह प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज और सैकड़ों छात्रों के भविष्य को बचाने का प्रयास है. इससे एक नया मेडिकल कॉलेज बनाने का समय बचेगा व हर साल प्रदेश को डेढ़ सौ डॉक्टर मिलेंगे'' 

सीएम ने दूसरे ट्वीट में लिखा, '' जहां तक रिश्तेदारी और निहित स्वार्थ का सवाल है तो मैं अपने प्रदेश की जनता को यह बताना चाहता हूं कि भूपेश बघेल उसके प्रति उत्तरदायी है और उसने हमेशा पारदर्शिता के साथ राजनीति की है, सरकार में भी हमेशा पारदर्शिता ही होगी. सौदा होगा तो सब कुछ साफ हो जाएगा''. 

तीसरे और आखिरी ट्वीट में सीएम भूपेश बघेल ने लिखा, '' यह खबर कल्पनाशीलता की पराकाष्ठा से उपजा विवाद है. जिसे मैं चुनौती देता हूं. अगर जनहित का सवाल होगा तो सरकार निजी मेडिकल कॉलेज भी खरीदेगी और नगरनार का संयंत्र भी. हम सार्वजनिक क्षेत्र के पक्षधर लोग हैं और रहेंगे. हम उनकी तरह जनता की संपत्ति बेच नहीं रहे हैं''

इस मामले में वर्तमान संसदीय कार्य मंत्री और पूर्व संसदीय कार्य मंत्री का बयान भी सामने आया है. संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा है कि ''सीएम के परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है ये कहना गलत है. ये छत्तीसगढ़ के छात्रों और जनता के हित के लिए किया जा रहा है''. 

वहीं पूर्व संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर का कहना है कि ''सरकार डिफॉल्टर है. कुछ सरकारी कॉलेज को देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं है. लेकिन प्राइवेट कॉलेज के लिए पैसे है सरकार के पास. पूरी प्रक्रिया ही गलत है इसलिए संदेह है''

यह है पूरा मामला 
दुर्ग में स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग से पांच बार लोकसभा सांसद रहे चंदूलाल चंद्राकर के नाम पर है, 1995 में उनकी मृत्यु हुई थी. जिसके दो साल बाद इस कॉलेज की स्थापना हुई थी. लेकिन साल 2017 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी. लेकिन अब बघेल सरकार एक कानून के जरिए इस मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण करने की तैयारी में है. जिसका प्रस्ताव कैबिनेट में पास किया जा चुका है. 

WATCH LIVE TV