CM बघेल ने लॉन्च किया बस्तर पपीता प्रोजेक्ट, इसकी सामुदायिक खेती कमाकर देगी करोड़ों रुपये

बस्तर जिले के दरभा विकासखण्ड के ग्राम तीरथगढ़ मामड़पाल और मुंगा गांव में 30 एकड़ रकबे में पपीते की हाईटेक सामुदायिक खेती की जा रही है. 

CM बघेल ने लॉन्च किया बस्तर पपीता प्रोजेक्ट, इसकी सामुदायिक खेती कमाकर देगी करोड़ों रुपये
पपीते का खेत

बस्तर: बस्तर जिले के दरभा विकासखण्ड के ग्राम तीरथगढ़ मामड़पाल और मुंगा गांव में 30 एकड़ रकबे में पपीते की हाईटेक सामुदायिक खेती की जा रही है. इन तीनों स्थानों पर 10-10 एकड़ रकबे में उन्नत किस्म के 5500-5500 पपीते के पौधे रोपित किए गए हैं, जो अब फलने की स्थिति में आ गए हैं.

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दरअसल तीरथगढ़ में पपीते की सामुदायिक खेती महिला स्व-सहायता समूह द्वारा 10 एकड़ सरकारी जमीन में की जा रही है. महिला समूह से जुड़ी श्रीमती हेमा कश्यप ने बताया कि उनके समूह में कुल 43 महिलाएं हैं. जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग की मदद से उन्होंने आज से छह माह पूर्व पपीते के पौधे लगाए थे. जो आज फल देने की स्थिति में आ गए हैं.

इस खेती से करोड़ों की आय होगी
महिला सदस्य हेमा ने बताया कि आगामी सितम्बर माह से पपीते के फलों की तोड़ाई और विक्रय शुरू हो जाएगा. पपीते की सामुदायिक बाड़ी से डेढ़ साल में उनके समूह को लगभग एक करोड़ रुपये की आय होगी. मुख्यमंत्री ने तीरथगढ़ में पपीते की उन्नत खेती के संबंध में श्रीमती हेमा कश्यप और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली. तीरथगढ़ सामुदायिक बाड़ी में अमीना वैरायटी के पौधे लगाए गए हैं.

क्यों होगी बंपर कमाई
दरअसल पपीते में मेल फीमेल और उभयलिंगी तीन प्रकार के फल होते हैं. यहां पपीते के पौधे लगाने के बाद उनके पत्तियों के सेंपल लेकर डीएनए मैपिंग की गई. जिसके जरिए केवल उभयलिंगी पौधों को ही खेत में छोड़ा गया. नर और नारी पौधे खेत से उखाड़ लिए गए. उभयलिंगी पौधो में मेल और फिमेल पौधों की तुलना में ज्यादा फल आते हैं. विदेशों में केवल उभयलिंगी पौधों की डिमांड है. जब देश में पपीते की डिमांड ज्यादा होगी और सप्लाई कम होगी उसी समय इसमें फल आएंगे, इसलिए इसके दाम ज्यादा मिलने की उम्मीद है.

एक एकड़ में 550 पौधे लगाए
बता दें कि एक एकड़ में 550 पौधे लगाए गए हैं. इनके बीच की दूरी 8 बाई 10 फीट है. इसी पेटर्न पर ग्राम मामड़पाल एवं मुंगा में भी 10-10 एकड़ रकबे में पपीते की सामुदायिक खेती की गई है. तीनों सामुदायिक बाड़ियों में पपीते के फल की तोड़ाई एक साथ सितम्बर माह में शुरू होगी. बस्तर किसान संघ के सदस्य विमल चावड़ा ने बताया कि सामुदायिक बाड़ियों में पपीते के पौधों की सिंचाई के लिए ड्रिप एरिगेशन सिस्टम लगाए गए हैं. बकावंड ब्लॉक में भी 100 एकड़ रकबे में पपीते की सामुदायिक खेती किए जाने की तैयारी चल रही हैं. 

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मुख्यमंत्री ने किया पपीत प्रोजेक्ट लॉन्च
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस प्रोजेक्ट की आज विधिवत शुरूआत की है. सीएम भूपेश बघेल ने सुराजी गांव योजना के बाड़ी घटक के तहत विकसित सामुदायिक बाड़ी की सफलता की सराहना की और कहा कि बस्तर के किसानों को उनकी उद्यानिकी फसलों का बेहतर मूल्य मिले इसके लिए आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए. मुख्यमंत्री ने पपीता, मिर्ची सहित अन्य उद्यानिकी फसलों की बस्तर अंचल में बहुतायत पैमाने पर हो रही खेती को देखते हुए कलेक्टर को कोल्ड चेन सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए.

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