चीन के बैंकिंग इंस्टेंट लोन 'वायरस' ने की बैंकिंग सुरक्षा में सेंधमारी, लोगों को चुकाने पड़ रहे 200 प्रतिशत ब्याज

खबर के मुताबिक भारतीय बैंकिंग प्रणाली और साइबर सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए चीन आधारित कंपनी के तीन ऐप ने एंट्री मारी है. सबसे बड़ी बात इन कंपनियों ने सेंधमारी के लिए मार्च और अप्रैल 2020 को चुना, क्योंकि उस वक्त कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से भारत में लॉकडाउन लगा था. 

चीन के बैंकिंग इंस्टेंट लोन 'वायरस' ने की बैंकिंग सुरक्षा में सेंधमारी, लोगों को चुकाने पड़ रहे 200 प्रतिशत ब्याज
सांकेतिक तस्वीर

नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच एक ओर जहां पूरी दुनिया परेशान है, वहीं चीन के साइबर ठग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. जानकारी के मुताबिक भारतीय बैंकिंग और सुरक्षा को धता बताकर चीन के सैकड़ों इंस्टेंट लोन ऐप भारतीय बाजार में प्रवेश कर चुके हैं. जिसकी वजह से बिना किसी दस्तावेज से लोगों को 200 फीसदी  तक ब्याज चुकाना पड़ रहा है. वहीं, कर्ज नहीं चुका पाने के कारण कुछ लोग खुदकुशी भी कर चुके हैं. 

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खबर के मुताबिक भारतीय बैंकिंग प्रणाली और साइबर सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए चीन आधारित कंपनी के तीन ऐप ने एंट्री मारी है. सबसे बड़ी बात इन कंपनियों ने सेंधमारी के लिए मार्च और अप्रैल 2020 को चुना, क्योंकि उस वक्त कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से भारत में लॉकडाउन लगा था. जिसकी वजह से कई लोगों की नौकरी भी चली गई थी. नौकरी जाने की वजह से लोगों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था.  इसी का फायदा उठाते हुए इन ऐप ने लोगों को कर्ज दे दिया.

हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से 6 महीने में कई बार एडवाइजरी जारी करने के बाद गुगल ने कुछ ऐप्स को हटा दिया. लेकिन अभी कई ऐप पर कार्रवाई नहीं हुई है. जबकि चीन इन ऐप को 2016 में बैन कर चुका है. 

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ऐसे लोग जल्द फंसते  हैं चंगुल में
एक्सपर्ट की मानें तो ये ऐप कंपनियां कर्ज लेने वाले की साख की परवाह किए बिना कर्ज देती हैं. अधिक ब्याजदर के कारण अगर कोई व्यक्ति डिफॉल्टर भी जाता है तो इन कंपनियों को नुकसान नहीं पहुंचता है. इन ऐप कंपनियों के चक्कर में वही लोग फंसते हैं, जो दूसरे लोगों से सलाह नहीं ले पाते हैं.

कर्ज नहीं चुकाने पर भेजते हैं अश्लील मैसेज
जानकारी के मुताबिक कर्ज नहीं चुका पाने के कारण चीनी कंपनियों के ये ऐप लोगों को अश्लील मैजेज भेजते हैं. इसके अलावा संबंधित व्यक्ति के फोटो से छेड़छाड़ कर उन्हें ब्लैकमेल करते हैं. 

केस-1
हैदराबाद निवासी भुमना प्रसाद ने बताया कि उन्होंने 3500 रुपए का इंस्टेंट लोन लिया था. लेकिन बाद में उन्होंने कर्ज लौटा दिया. लेकिन चीनी ऐप के जरिए उनके खाते में 26000 हजार रुपए भेज दिए गए. अब उन्हें इस कर्ज को चुकाने के लिए धमकियां भेजी जा रही है.

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केस-2
चेन्नई के एक छात्र बालाजी विजयराघवन ने अक्टूबर 2020 में स्नेपिट ऐप इंस्टाल किया. जरूरत पड़ने पर विजयराघवन ने 90 हजार रुपए लोन लिए. इसके बाद 8 लाख रुपए के लेनेदन की डिटेल्स ऐप ने डिलीट कर दी. अब वे पुलिस के चक्कर काट रहे हैं.

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