ईद पर फिर सुर्खियों में आया विवादित संगठन PFI, उज्जैन में लगाये कुर्बानी के नाम वाले पोस्टर

 उज्जैन में ईद पर्व के मौके पर PFI (Popular Front of India) के फंडिंग पोस्टर शहर भर में दिखाई दिए. 

ईद पर फिर सुर्खियों में आया विवादित संगठन PFI, उज्जैन में लगाये कुर्बानी के नाम वाले पोस्टर
पोस्टर

उज्जैन: विवादित संगठन PFI (Popular Front of India) जिसे देश भर के कई राज्यों की सरकारों ने बैन कर रखा है, तो वहीं केंद्र भी इस संगठन को बैन करने की तैयारी में है. एमपी के उज्जैन (Ujjain) शहर को इस विवादित संगठन का गढ़ माना जाता है. जहां समय-समय पर संगठन के कार्यक्रम के माध्यम से समाज को अपनी नीतियों को लेकर जागरूक करता है. इसी कड़ी में ईद (Eid) पर्व के मौके पर PFI के फंडिंग पोस्टर शहर भर में दिखाई दिए. जिसे लेकर अखंड हिन्दू सेना (Hindu sena) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व आव्हान अखाड़े में महामंडलेश्वर आचार्य शेखर ने विरोध जताया है. इसके साथ ही उन्होंने एएसपी से जांच करने की मांग की है.

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दरअसल, ईद के मौके पर उज्जैन की कई मस्जिदों और मुस्लिम बाहुल इलाकों में पीएफआई द्वारा लगाये गए कुर्बानी (Qurbani) के नाम पर 2400 रुपये फंडिंग के लिए पोस्टरों पर विवाद खड़ा हो गया. उज्जैन में लगाएं पोस्टरों पर लिखा गया कि ''कुर्बानी का हिस्सा 2400 रुपए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular Front of India) में देकर उम्मत की तक़वियत में हिस्सेदार बने.'' इस तरह के पोस्टर शहर के सभी मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में लगाए गए. जो विवादों के कारण शंका के घेरे में आ गए.

भारत में इसे बैन करना चाहिए
वहीं इस मामले में आव्हान अखाड़े के महामंडेलश्वर व अखंड हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुलेश आनंद का कहना हैं कि ये PFI आतंकवादी संगठन (terrorist organization) है जो पूरे देश से फंडिंग कर रहा है. ये फंडिंग किस काम आनी है, शासन प्रशासन द्वारा जांच का विषय है. मध्य प्रदेश में इसका फैलाव होता जा रहा है, भारत में ही इसे बैन कर देना चाहिए. वहीं महामंडलेश्वर आचार्य शेखर ने फंडिंग को लेकर कहा कि ऐसा न हो कि ये विस्फोट करने के लिए फंडिंग की जा रही हो. 

फंडिंग की जांच की जाएगी
उज्जैन एएसपी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि जब भी कोई त्यौहार होता है तो सामूहिक रूप से कुर्बानी की जाती है, लेकिन हम इस फंडिंग का परीक्षण करेंगे की ये कोई अवैध रूप से तो नहीं लिया गया. इसकी पूरी जांच पड़ताल की जाएगी, उसके बाद ही कुछ फैसला लिया जाएगा.

गरीब लोगों के काम आती है
PFI संगठन के व्यक्ति से जब हमने बात कि तो उनका कहना था कि ये फण्ड गरीब तबके के लोगों के काम आता हैं. जो कुर्बानी में शामिल नहीं हो पाते उन्हें इस फण्ड के जरिये समाज के साथ शामिल किया जाता है.

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पहले हो चुका है केस 
बता दें कि पीएफआई हमेशा से विवादों में रहा है और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के प्रमाण भी इसके मिले है. आपको बता दें कि विगत दिनों 17 फरवरी को भी उज्जैन में PFI के स्थापना दिवस पर कार्यक्रम संचालन करने वाले के खिलाफ पुलिस ने शर्तो के उल्लंघन पर प्रकरण पंजीबध्द कर मामले को विवेचना में लिया था. संघठन ने भाजपा (BJP) व आरएसएस (RSS) के विरुद्ध जमकर नारे बाजी की थी और प्रेस नोट में भी जिक्र किया था. जिसके बाद हिन्दू संगठन ने मुकदमा दर्ज कराया था.

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