ये ब्लडग्रुप वाले हो जाएं सावधान! कोरोना पर चौंकाने वाली रिसर्च!

महामारी से जुड़े कुछ चौंकाने वाले रिसर्च सामने आए है.

ये ब्लडग्रुप वाले हो जाएं सावधान! कोरोना पर चौंकाने वाली रिसर्च!
ब्लड ग्रुप कोरोना

नई दिल्ली: ना जाने इस कोरोना महामारी के कितने रंग है. रोज़ एक नई रिसर्च सामने आती है कोरोना के लगातार आ रहे नए रूप डरावने है. अब इस बीच काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ने एक रिसर्च पेपर जारी किया है. इनमें महामारी से जुड़े कुछ चौंकाने वाले रिसर्च सामने आए है. इस रिसर्च के अनुसार AB और B ब्लड ग्रुप के लोगों को कोविड-19 से ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है. जबकि O ब्लड ग्रुप के लोगों पर इस बीमारी का सबसे कम असर हुआ है. इस ब्लड ग्रुप के ज्यादातर मरीज़ या तो एसिम्प्टोमैटिक हैं. या फिर उनमें बेहद हल्के लक्षण दिखाई दिए है. सीरो पॉजिटिव सर्वे के डेटा को देखे तो इसमें देश के 10 हजार लोगों से डेटा लिया गया है. इसका 140 डॉक्टर्स की टीम ने विश्लेषण किया.
रिपोर्ट में कहा गया है कि शाकाहारी लोगों की तुलना में मांसाहारियों को कोरोनावायरस संक्रमण होने की आशंका ज्यादा है.

जेनेटिक स्ट्रक्चर पर निर्भर
इस सर्वे पर आगरा के पैथालॉजिस्ट ने कहा कि सबकुछ किसी व्यक्ति के जेनेटिक स्ट्रक्चर पर निर्भर करता है. जैसे थैलेसीमिया से पीड़ित व्यक्ति को शायद ही कभी मलेरिया होता हो. कई उदाहरण ऐसे भी हैं, जिनमें पूरे परिवार को संक्रमण हुआ पर उसी परिवार का एक व्यक्ति इससे बचा रहा. इसकी वजह जेनेटिक स्ट्रक्चर है.
O ब्लड ग्रुप का इम्यून सिस्टम इस वायरस के खिलाफ AB और B ग्रुप वालों से ज्यादा मजबूत है. हालांकि, अभी इस रिसर्च पर और स्टडी किए जाने की जरूरत है.
हालांकि इस रिसर्च का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि O ब्लड ग्रुप वालों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन छोड़ देना चाहिए. वो पूरी तरह इस वायरस से इम्यून नहीं हैं इसलिये उन्हें भी दिक्कत हो सकती है.
हालांकि ये केवल सैंपल सर्वे है. ये एक्सपर्ट द्वारा रिव्यू किए गए रिसर्च पेपर नहीं हैं. इसमें ये बात वैज्ञानिक आधार पर साफ नहीं हो रही है कि अलग ब्लडग्रुप वालों की संक्रमण दर अलग क्यों है.

बच्चों पर वैक्सीन ट्रायल
भारत में भी 2 से 18 साल के ग्रुप के लिए भी कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन तैयार होने वाली है. जानकारी है कि सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन की सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स कमेटी ने मंगलवार को 2 से 18 साल उम्र वालों पर भारत बायोटेक की कोवैक्सिन के सेकेंड और थर्ड ट्रायल की मंजूरी दे दी. यह ट्रायल AIIMS दिल्ली AIIMS पटना और मेडिट्रिना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नागपुर में 525 विषयों पर किया जाएगा.                                                  

पिछले 24 घंटे के कोरोना आंकड़े(भारत)
कुल नए केस आए: 3.48 लाख
कुल मौतें: 4,198
कुल ठीक हुए: 3.55 लाख
कुल संक्रमित हो चुके: 2.33 करोड़
अब तक ठीक हुए: 1.93 करोड़
अब तक कुल मौतें: 2.54 लाख
इलाज करा रहे मरीजों की कुल संख्या: 36.99 लाख
आंकड़ों के अनुसार भारत में अभी भी चिंता की दशा बनी हुई है. हांलांकि कई रिसर्च बता चुकी है कि जून महीने के अंत तक कोरोना की दूसरी लहर का असर कम होना शुरू हो जाएगा.

 

ये भी पढ़ें : नकली रेमेडीसीवर इंजेक्शन मामले में जांच का दायरा बढ़ा, गुजरात पुलिस पहुंची जबलपुर!

 

WATCH LIVE TV