कोविड में खर्चे की परेशानी भूल जाइए! जानिए क्या है 'कोविड कवच'
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कोविड में खर्चे की परेशानी भूल जाइए! जानिए क्या है 'कोविड कवच'

इस पॉलिसी के तहत एलोपैथी और आयुष उपचार कवर होगा. इसमें कवर का प्रीमियम 500 से 6 हजार रुपए तक है, लेकिन इसमें GSTशामिल नहीं रहेगा.

कोविड में खर्चे की परेशानी भूल जाइए! जानिए क्या है 'कोविड कवच'

नई दिल्लीः कोरोना महामारी से पूरी दुनिया अभी तक उबर नहीं पाई है. इस बीच कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ने फिर से लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है. बता दें कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी है, जिसने कोरोना संक्रमण के खतरे को फिर से बढ़ा दिया है. ऐसे में एक बात जो हम सभी के ध्यान में आती है वो ये है कि इस समय एक अच्छी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की हम सभी को जरुरत है. ऐसे में अगर आप भी अपने परिवार के हित के लिए कोरोनावायरस के खिलाफ हेल्थ इंश्योरेंस के बारे में सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है.

कोरोना कवच पॉलिसी
बता दें कि कोरोना के खिलाफ कवच के तौर पर कोरोना कवच पॉलिसी शुरू की गई है. नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से यह पॉलिसी शुरू की गई है, जिसमें 50 हजार रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलता है. इस पॉलिसी को 18 साल से 65 साल का व्यक्ति ले सकता है.

परिवार में कौन ले सकते हैं फायदा
कोरोना कवच पॉलिसी के तहत पॉलिसीधारक, पति/पत्नी, माता-पिता, आश्रित बच्चों को कवर मिलता है. हालांकि आर्थिक रूप से स्वतंत्र 18 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे इस पॉलिसी के तहत कवर नहीं होंगे. पॉलिसी की अवधि साढ़े तीन महीने, साढ़े छ महीने और साढ़े नौ महीने होती है. इस पॉलिसी के तहत एलोपैथी और आयुष उपचार कवर होगा. इसमें कवर का प्रीमियम 500 से 6 हजार रुपए तक है, लेकिन इसमें GSTशामिल नहीं रहेगा. यह एक शॉर्ट टर्म पॉलिसी है, जिसमें कोई नवीनीकरण नहीं है. 

कोरोनावायरस कवच पॉलिसी की सुविधाएं
इस पॉलिसी में बेड का चार्ज  नर्सिंग चार्ज, ब्लड टेस्ट, PPE किट, ऑक्सीजन, ICU और डॉक्टर की कंसल्टेशन फीस कवर भी शामिल है. हॉस्पिटल  में भर्ती होने से पहले डॉक्टर कंसल्टेशन, चेक अप और डाइग्नोसिस के खर्च  भी शामिल हैं. गौरतलब है कि अगर बीमित व्यक्ति प्रतिबंधित देश की यात्रा करता है तो इस पॉलिसी के तहत सभी कवर समाप्त हो जाएंगे. 

कोरोना कवच में पॉलिसी होल्डर को कम से कम 24 घंटे के लिए अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है. आपका कोरोना बीमारी का इलाज अगर घर पर चल रहा है, तो इसमें हेल्थ की मॉनिटरिंग और दवाइयों का खर्च 14 दिन तक के लिए कवर होता है. अगर आप अस्पताल में एडमिट है तो डिस्चार्ज होने के 30 दिन बाद तक का मेडिकल खर्च मिलता है.

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