महाकाल मंदिर में बिगड़ी व्यवस्था, सुरक्षा गार्ड श्रद्धालुओं को मारते नजर आए

महाकाल मंदिर में सोमवार को बिगड़ी व्यवस्थाओं को लेकर दूसरे दिन सुरक्षा गार्ड व पुलिस कर्मियों का शर्मनाक वीडियो सामने आया है.

महाकाल मंदिर में बिगड़ी व्यवस्था, सुरक्षा गार्ड श्रद्धालुओं को मारते नजर आए

उज्जैन: महाकाल मंदिर में सोमवार को बिगड़ी व्यवस्थाओं को लेकर दूसरे दिन सुरक्षा गार्ड व पुलिस कर्मियों का शर्मनाक वीडियो सामने आया है. जिसमें गेट नंबर 4 पर कुछ पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को थप्पड़ मारते नजर आ रहे है. मौके पर ही मौजूद कलेक्टर से जब इस बात को लेकर पूछा गया तो कलेक्टर जवाब देने से बचते नजर आए. वहीं आज मंगलवार से जिला प्रशासन व मंदिर समिति ने महाकाल मंदिर में दर्शन के दौरान भीड़ में श्रद्धालुओं के दबने और भगदड़ जैसी स्थिति के बाद व्यवस्थाओं में कुछ बदलाव किये है. 

शिवराज कैबिनेट का फैसला- 419 डेंटल डॉक्टर्स की होगी भर्ती, ट्रांसफर की तारीखें भी बढ़ाईं

दरअसल सावन के पहले सोमवार पर महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ ऐसी टूटी की बड़ा हादसा होने से बच गया. पूरा मामला गेट नंबर 3 और 4 का था, मंदिर के गेट नंबर 3 और भस्म आरती द्वार गेंट नंबर 4 जहां सोमवार सुबह 10:30 बजे के लगभग जब मंदिर आधे घंटे बाद 11 बजे बंद होने ही वाला था तब गेट नंबर तीन और चार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु खड़े थे. अधिक भीड़ और श्रद्धालुओं की आस्था का मान रखते हुए कलेक्टर ने प्री बुकिंग नहीं करवा पाए. उन्होंने फ्री फॉर ऑल की परमिशन दे दी. जिससे व्यवस्थाएं बिगड़ी और स्थिति इस हद तक बिगड़ गई कि श्रद्धालुओं एक दूसरे पर टूट पड़े. वहीं सुरक्षा गार्ड ने एक भक्त को जोरदार थप्पड़ मार दिया.

अगले सोमवार नया प्लान करेंगे
इस पूरे मामले में उज्जैन कलेक्टर ने सबक लेते हुए कहा कि अगले सोमवार के लिए नया प्लान तैयार करेंगे. हालांकि सोमवार को भीड़ आयी उसमे ज्यादातर पीएससी परीक्षा देने वाले छात्र थे. जिनके कारण व्यवस्था बिगड़ी इस बात को कलेक्टर ने स्वीकारा है. कलेक्टर सिंह के निर्देश पर मंगलवार से ही महाकाल मंदिर में व्यवस्थाओं को बदला गया. जिसके लिए अल सुबह चार बजे महाकाल मंदिर की सहायक प्रशासक पूर्णिमा शृंगी को भेजा गया. यहां उन्होंने सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं की लाइन लगवाना शुरू कर दी थी. कल की घटना के बाद अब गेंट नंबर 3 और 4 पर भीड़ को एकत्रित नहीं होने दिया जाएगा.  आने वाले सोमवार से पहले मंदिर समिति नया प्लान तैयार करेगी.

लॉकडाउन में बंद हुआ धंधा तो बन गए ठग, हाई कोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लोगों से ऐंठे 75 लाख

इसके पहले हो चुका है बड़ा हादसा
आपको बता दें कि 26 जुलाई 1996 सोमवती अमावस्या के दिन बड़ी संख्या में यहां श्रद्धालुओं के बीच हुई भगदड़ मची थी. जिसमें 35 से अधिक लोगों की जान गयी थी. महाकाल मंदिर में अब तक का ये सबसे बड़ा हादसा था. वहीं संयोग से कल 26 जुलाई ही था, जिसमें बड़ा हादसा होते होते टल गया.

WATCH LIVE TV