कोरोना से डरे नहीं, बल्कि इन दो सगी बहनों से सीखिए कैसे मात देना है इस बीमारी को

 भितरवार की रहने वाली 11 साल की दिव्यांशी और 9 साल की पूर्वी यादव कोरोना पॉजिटिव होने के बाद बिना किसी तनाव के कोरोना को मात देने पर डटी है. 

कोरोना से डरे नहीं, बल्कि इन दो सगी बहनों से सीखिए कैसे मात देना है इस बीमारी को
दोनों बहनें

शैलेन्द्र/ग्वालियर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने पिछले राष्ट्र के नाम संबोधन में अपने बाल मित्रों से कहा था कि घर में ऐसा माहौल बनाएं कि बिना काम, बिना कारण घर के लोग घर से बाहर न निकलें, कोरोना से लड़ने के खिलाफ जागरुक करें. ऐसे ही ग्वालियर की दो नन्हीं बच्चियां अपने बुलंद हौसलों के दम पर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही है. भितरवार की रहने वाली 11 साल की दिव्यांशी और 9 साल की पूर्वी यादव कोरोना पॉजिटिव होने के बाद बिना किसी तनाव के कोरोना को मात देने पर डटी है. 

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दरअसल ग्वालियर की भितरवार इलाके की रहने वाली दो बच्चियां दिव्यांशी यादव और पूर्वी यादव सगी बहन हैं. दोनों ही कोरोना पॉजिटिव है और अपने घर के एक कमरे में आइसोलेशन में रह रही हैं. दोनों बहनें कोरोना से डरने की बजाय बुलंद हौसलों के जरिए उसे मात देने के लिए डटी हुई है.

डांस,व्यायाम, से हरा देंगे
पिछले 30 अप्रैल से दोनों बहनें एक कमरे में रह रही है, कोरोना को मात देने के लिए दोनों घर मे खूब डांस करती है, नाटक और योग व्यायाम भी करती है. पूर्वी का कहना हैं कि कोरोना से उनको बिल्कुल डर नहीं है, वो कोरोना को जल्द हरा देंगी. वहीं दिव्यांशी ने बताया कि कोरोना को सिर्फ मानसिक मजबूत के साथ ही मात दी जा सकती है.

परिवार हो चुका कोरोना संक्रमित
30 अप्रैल को दिव्यांशी और पूर्वी के साथ ही इनके परिवार के 5 लोग कोरोना संक्रमित हुए थे. इनकी मां रेखा यादव, दादा रणवीर यादव और बुआ आरती यादव कोरोना संक्रमित हुए थे. रिपोर्ट आने के बाद सभी को भितरवार में इनके घर मे ही आइसोलेट कर दिया था. दिव्यांशी और पूर्वी दोनों अपना खाना बनाने के साथ ही सभी काम खुद कर लेती है. दिव्यांशी ने बताया कि कोरोना को सिर्फ मानसिक मजबूत के साथ ही मात दी जा सकती है.

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कोरोना को हरा देंगी
इन बच्चियों के दादा, मां और बुआ भी अलग कमरों में आइसोलेट है, वहीं पिता और दादी भी क्वारंटाइन है. तीन दिन बाद इन बच्चियों का फिर से टेस्ट होगा. बच्चियों को पूरी उम्मीद हैं कि वो कोरोना को हरा देंगी. वाकई में इन बच्चियों से दूसरे कोरोना मरीज़ों को कोरोना से लड़ने में हौसला मिलेगा.

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