MP के इंदौर में बना पहला कोविड सेफ रोड, जानिए क्यों रखा गया इसका ये नाम

जिस इलाके में तो शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन पूरा हो चुका है, उस रोड का नाम ही कोविड सेफ रख दिया.

MP के इंदौर में बना पहला कोविड सेफ रोड, जानिए क्यों रखा गया इसका ये नाम

इंदौर: देश का सबसे स्वच्छ शहर में सबसे आगे रहने वाला इंदौर अब वैक्सीनेशन के लिए भी बढ़ चढ़कर आगे आ रहा है. अब तक इंदौर में कुल 52 फीसदी यानि आधे से कुछ ज़्यादा आबादी को वैक्सीन (Vaccine) की पहली डोज लग चुकी है. वहीं एक इलाके में तो शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन पूरा हो चुका है. इसलिए उस रोड का नाम ही कोविड सेफ रख दिया गया है.

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बुधवार हुआ उद्घाटन
इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने कोविड सेफ रोड का उद्घाटन किया. इस रोड पर चलने वाले सभी लोग कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करेंगे. यह रोड मध्यप्रदेश का पहला कोविड सेफ रोड है. इंदौर के लैंटर्न चौराहा से जंजीरावाला चौराहा के बीच रेसकोर्स रोड को कोविड सेफ रोड अर्थात कोविड प्रोटोकॉल की मॉडल रोड के तौर पर विकसित किया गया है.

शपथ भी ली गई
इस मार्ग पर रहने वाले लोगों ने कोविड प्रोटोकॉल के पालन की शपथ ली है और 100% वैक्सीनेशन का वादा किया है. ये लोग आसपास के क्षेत्र में जागरूकता का प्रचार प्रसार करेंगे, साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी कोविड के व्यवहार का पालन करेंगे. यहां एक वैक्सीनेशन सेंटर खेल प्रशाल में और एक ड्राइव इन  टेस्टिंग सेंटर भी चलाया जा रहा है. साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने भी एक सेंटर बनाया है. जहां वॉक इन वैक्सीनेशन किया जाएगा.

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देश में नंबर दो इंदौर
आपको बता दें कि टीकाकरण के तमाम प्रयासों के साथ इंदौर में वैक्सीनेशन के नए रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं. इन रिकॉर्ड की बदौलत इंदौर शहर में वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है. अब शहर में मात्र 48% ही ऐसी जनसंख्या है, जिन्हें वैक्सीन की पहली डोज लगवाना बाकी है. इंदौर शहर ने एक दिन में सबसे अधिक वैक्सीन लगाने में देश मे दूसरा स्थान प्राप्त किया है. 

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