गुजरात से जबलपुर लाए जा रहे नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले के चार आरोपी, हो सकता है बड़ा खुलासा

नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले की जांच को लेकर जबलपुर पुलिस गुजरात पहुंची है.

गुजरात से जबलपुर लाए जा रहे नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले के चार आरोपी, हो सकता है बड़ा खुलासा
नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन

कर्ण मिश्रा/जबलपुर: मध्य प्रदेश में नकली नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के मामले में जांच तेजी से चल रही है. क्योंकि जबलपुर पुलिस की गिरफ्त में वह आरोपी आने वाले हैं जिनका उन्हें लंबे समय से इंतजार था. बता दें कि प्रोडक्शन वारंट के जरिये गुजरात पुलिस की गिरफ्त में आए जबलपुर के रहने वाले सपन जैन के अलावा नकली इंजेक्शन फैक्ट्री के मुख्य सूत्रधार कौशल बोरा, पुनीत शाह और सुनील मिश्रा को जबलपुर लाया जा रहा है. जिनसे पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. 

गुजरात पहुंची जबलपुर पुलिस 
एसआईटी प्रभारी रोहित काशवानी ने बताया कि सपन, कौशल, पुनीत और सुनील को लेने के लिए जबलपुर पुलिस गुजरात पहुंच चुकी है. इसके बाद नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के मास्टरमांइड सरबजीत सिंह मौखा से उनके कनेक्शन के अलावा मामले से जुड़े अन्य कई तथ्यों की सख्ती से पूछताछ की जाएगी. उन्होंने बताया कि पुलिस को उम्मीद है कि चारों आरोपियों को जबलपुर में जब रिमांड पर लिया जाएगा उसके बाद इस मामले से जुड़े हुए कई अहम पहलुओं से पर्दा उठ सकता है. 

अंतिम दौर में है जांच 
रोहित काशवानी ने बताया कि पुलिस अपने जांच के अंतिम छोर पर पहुंच सकती है गौरतलब है कि एसआईटी के हाथ दोषियों पर कार्यवाही के लिए काफी सबूतों के अलावा गवाह भी तैयार किए जा चुके हैं ऐसे में अब चारों आरोपियों की रिमांड के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं. 

सरबजीत सिंह मोखा है नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन का मास्टरमाइंड 
दरअसल, सरबजीत सिंह मोखा जबलपुर ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन का मास्टरमाइंड है जो फिलहाल जेल में है. नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के मामले में सरबजीत सिंह मोखा के तार गुजरात से जुड़े थे. सरबजीत सिंह मोखा वीएचपी का जबलपुर जिलाध्यक्ष था. रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में नाम सामने आने के बाद संगठन ने इसे सभी पदों से हटा दिया है. वहीं, मोखा के संबंध कई बड़े नेताओं से भी थे. बता दें कि गुजरात के मोरबी में ग्लूकोज और नमक से नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन तैयार हुए थे. पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि 500 इंजेक्शन जबलपुर में खपाए गए हैं. आरोपियों ने ही सिटी अस्पताल के नाम लिए थे. इस मामले में प्रदेश कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी. 

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