सतना में एक बार फिर मानवता शर्मसार: कचरा वाहन में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया शव

सतना ज़िले में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है. ज़िले के उचेहरा में स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्टाफ़ नर्स के पति की मौत कोविड-19 से हुई लेकिन उसके शव को ले जाने के लिए शव वाहन नहीं मिला.

सतना में एक बार फिर मानवता शर्मसार: कचरा वाहन में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया शव
सांकेतिक फोटो

सतना: सतना ज़िले में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है. ज़िले के उचेहरा में स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्टाफ़ नर्स के पति की मौत कोविड-19 से हुई लेकिन उसके शव को ले जाने के लिए शव वाहन नहीं मिला. नगर परिषद के कचरा वाहन ट्रैक्टर में शव को दाह संस्कार के लिए ले जाया गया.

सरकार के दावे फेल
कोरोना महामारी को लेकर सरकार द्वारा किये जा रहे बड़े बड़े दावों की जमीनी हकीकत और दावों की पोल खुल रही हैं. मध्यप्रदेश के सतना ज़िले के उचेहरा स्वास्थ्य केन्द्र में मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है. जहाँ स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्टाफ नर्स अनीता आर्या के पति संतोष आर्या की मौत कोविड-19 बीमारी के चलते हो गई. मौत के बाद स्वास्थ्य केंद्र कोविड सेंटर से मृतक के शव को दाह संस्कार के लिए ले जाने को शव वाहन नहीं मिला. मृतक संतोष के शव को नगर परिषद के कचरा वाहन ट्रैक्टर ट्राली में रखकर अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया. 

ज़िम्मेदार कौन ?
कोरोना गाइडलाइंन के अनुसार अगर कोई भी कोरोना मरीज की मौत हो जाती हैं तो उसे कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत पीपीई किट पहनकर पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ उसके शव को दाह संस्कार के लिए ले जाया जाता है लेकिन उचेहरा कोविड से मृतक के शव को ले जाने के लिए नगर परिषद के कर्मचारी आधी अधूरी किट पहने थे. इसके साथ ही कुछ लोग तो बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के शव को कचरा वाहन में रखवाया और दाह संस्कार के लिए ले गए.

सिस्टम पर सवालिया निशान
सबसे बड़ी बात यह है कि कोरोना बीमारी को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही से संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है. सरकारी सिस्टम पर अब सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं कि आखिर शासन प्रशासन के पास शव वाहन तक नहीं है और ना ही शव को ले जाने के लिए संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था अगर इसकी वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा यह आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं।

सरकार पर निशाना
वही इस बारे में स्थानीय जनप्रतिनिधि ने सरकारी सिस्टम पर जमकर निशाना साधा और इस घटना को शर्मसार बताया. उमेश गौतम (पूर्व पार्षद) ने कहा कि जिस तरीके से 1 स्वास्थ्य कर्मी के पति के शव को कचरा वाहन में ले जाया जा रहा है ये मानवता को शर्मसार कर रही हैं. 
वहीं मुबारक अली (पूर्व पार्षद उचेहरा) ने कहा कि इसके अलावा मृतक के शव को ले जाने वाले कर्मचारी भी बिना पीपीई किट पहने यह कार्य कर रहे हैं कहीं ना कहीं इससे संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ सकता है इसका जिम्मेदार कौन होगा.

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