अगर आप भी मारते हैं अपने बच्चों को थप्पड़! तो एक बार इस खबर को जरूर पढ़ लें

चाइल्ड डेवलेपमेंट नामक जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों को अगर उनके मां-बाप मारते-पीटते हैं तो 

अगर आप भी मारते हैं अपने बच्चों को थप्पड़! तो एक बार इस खबर को जरूर पढ़ लें
फाइल फोटो.

नई दिल्लीः मां बाप अक्सर अपने बच्चों की शरारतों या गलतियों पर उन्हें थप्पड़ मार दिया करते हैं या पिटाई कर देते हैं. लेकिन अगर आप भी उन मां-बाप में शामिल हैं तो संभल जाएं. दरअसल एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि जो परिजन अपने बच्चों को पीटते हैं, उन बच्चों का मानसिक विकास बाधित होता है. 

क्या होता है असर?
चाइल्ड डेवलेपमेंट नामक जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों को अगर उनके मां-बाप मारते-पीटते हैं तो इससे बच्चों के मन में डर पैदा होता है. इस डर के चलते बच्चों के दिमाग के एक खास हिस्से में कुछ गतिविधियां होती हैं, जिससे बच्चे का दिमागी विकास बाधित होता है. रिसर्च के मुताबिक पिटाई खाने वाले बच्चों के ब्रेन के प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स के हिस्से में न्यूरल रेस्पांस ज्यादा रहा. इसके चलते बच्चों में निर्णय लेने की क्षमता और हालातों से जूझने की प्रक्रिया प्रभावित होती है. 

लंबे समय तक ऐसा होने से बच्चों में बेचैनी, अवसाद, व्यवहार में बदलाव और मानसिक समस्याएं भी हो जाती हैं. गंभीर किस्म की हिंसा झेलने वाले बच्चे कई बार हिंसक व्यवहार करने लग जाते हैं. 

इस विषय पर शोध करने वाली टीम ने 3-11 साल तक के 147 बच्चों के डेटा का अध्ययन किया. इन बच्चों का एमआरआई किया गया और फिर पिटाई खाने वाले बच्चों और पिटाई ना खाने वाले बच्चों के एमआरआई की तुलना की गई. जिसमें उक्त खुलासा हुआ. ऐसे में अगर आप भी बच्चों से सख्ती से निपटते हैं तो संभल जाएं, क्योंकि इससे आप अपने ही बच्चों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं.