मध्य प्रदेश: भाजपा नेताओं पर लागू नहीं होते कोरोना नियम, इनके आगे झुकती है पुलिस!

पुलिस के रोकने पर बहस करने लगे. बिना मास्क के घूम रहे थे नेता जी. अफसरों की फटकार के बाद पुलिस को ही मांगनी पड़ी माफी. 

मध्य प्रदेश: भाजपा नेताओं पर लागू नहीं होते कोरोना नियम, इनके आगे झुकती है पुलिस!
नियमों की धज्जियां उड़ाते नेताजी
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जबलपुर: मध्यप्रदेश में कोरोना से बचने के लिए प्रशासन के द्वारा तरह तरह के उपाय अपनाएं जा रहे है. प्रदेश की जनता से ख़ुद समय-समय पर मुख्यमंत्री शिवराज अपील कर चुके हैं कि मास्क पहनकर रहें. 2 गज की दूरी बनाकर रखें. हाथों को सैनिटाइज़ करते रहें. लेकिन लगता है ये अपील भाजपा नेताओं तक नहीं पहुँच रही है. ऐसा हम क्यों कह रहे हैं ये भी आपको बता रहे हैं. जबलपुर में भाजपा के मंडल महामंत्री और एक अन्य नेता बिना मास्क के ही घूमते पड़के गए.
पुलिस की महिला कांस्टेबल ने जब उन्हें रोका तो वह अभद्रता पर उतर आए. सड़क पर ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगे. इतने पर मन नहीं भरा तो चालान काटने पर सड़क पर धरने पर बैठ गए और चिल्लाकर बोले- एसपी और कलेक्टर को यहीं पर बुलाओ.

वर्दी उतरवाने धमकी दी
भाजपा नेता अपनी मर्यादा भूलकर पुलिस वालों को वर्दी उतरवाने की धमकी देते भी नज़र आए. आख़िरकार इस रवैये के बाद दूसरों पर सख्ती दिखाने वाले पुलिसवाले भाजपा नेता के आगे हाथ जोड़ते नज़र  आए. हद तो तब हो गई जब वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की गई तो अपनी ड्यूटी निभा रहे इन पुलिस वालों को उम्मीद थी कि वरिष्ठ अधिकारी उनका सपोर्ट करेंगे लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट. वहां से भी इन पुलिसवालों को फटकार ही मिली.

नियमों की धज्जियां उड़ाते नेताजी
जितने भी नियम है क्या आम जनता के लिए है. ऐसा सवाल इसलिए उठता है क्योंकि ज़िले में धारा 144 लागू है. सम्पूर्ण लॉकडाउन लगा है. पर शायद यह बीजेपी नेताओं और पदाधिकारियों पर यह लागू नहीं होता. तभी तो विजय नगर थाने की महिला कांस्टेबल गरिमा और अन्य के एकता चौक पर रोके जाने पर बीजेपी के मंडल पदाधिकारी भड़क उठे. हालांकि उनके इस व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

पुलिस ने पकड़ा
भाजपा मंडल महामंत्री पुष्पराज पटेल रंजीत ठाकुर ऋषभ दास तीन लोग कहीं जा रहे थे. जिनमें से दो नेतागण बिना मास्क के ही अहिंसा चौक से निकल रहे थे. वहीं चेकिंग के दौरान लेडी कांस्टेबल गरिमा ने तीनों को रोक कर बिना मास्क पहने मिलने पर चालान बनाने की बात कही. इसी पर वे हंगामा करने लगे.

ख़ुद पुलिस को मांगनी पड़ी माफ़ी 
हैरानी की बात ये है कि लेडी कांस्टेबल गरिमा अपनी ड्यूटी कर रही थी. वहां उनके साथ मौजूद दूसरे पुलिसकर्मी पदाधिकारियों के सामने चुप खड़े रहे. पदाधिकारियों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करते हुए पुलिस पर ही आरोप लगा दिया और कहा कि आपकी पुलिस जनता को बेवजह परेशान कर रही है.                                                                                                                                        

समझौता ही विकल्प बचा
हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है इसके पहले भी ऐसे केस सामने आ चुके है. यहां उम्मीद थी कि बिना मास्क में नजर आने वाले बीजेपी नेताओं पर कार्रवाई की जाएगी लेकिन हुए बिल्कुल उलटा. अधिकारियों ने तो अपने ही पुलिसकर्मियों को फटकार लगा दी. फिर माफी मंगाते हुए समझौता भी करने के लिए कह दिया गया.

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