इंदौर में सरकारी कर्मचारियों ने नहीं किया यह काम, तो बंद हो जाएगी ऑफिस में एंट्री

इंदौर में बढ़ते कोरोना को रोकने के लिए वैक्सीनेशन का काम तेज करने के आदेश दिए गए हैं. 

इंदौर में सरकारी कर्मचारियों ने नहीं किया यह काम, तो बंद हो जाएगी ऑफिस में एंट्री
फाइल फोटो

इंदौरः मध्य प्रदेश का इंदौर शहर कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित है, इंदौर में हर दिन कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में जिला प्रशासन ने वैक्सीनेशन का काम बढ़ा दिया है. वहीं वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के लिए अब जिला प्रशासन एक नया आदेश जारी करने जा रहा है, जिसके तहत  सरकारी दफ्तर में जाने वाले 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को अपने साथ वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य होगा. तभी उन्हें सरकारी दफ्तरों में एंट्री मिलेगी. 

सरकारी कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाना जरूरी 
इंदौर में सरकार कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाना जरूरी है, अगर किसी सरकारी कर्मचारी ने वैक्सीन नहीं लगवाई तो उसे सरकारी दफ्तर में आने की अनुमति नहीं रहेगी. 15 अप्रैल से यह नया नियम इंदौर के सरकारी दफ्तरों में लागू कर दिया जाएगा. वहीं प्रशासन की माने तो कोरोना संक्रमण से होने वाली मौत में 45 साल से ज्यादा उम्र के लोग शामिल हैं. ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए डॉक्टरों ने वैक्सीनेशन पर ज्यादा से ज्यादा काम करने के आदेश दिए हैं. ताकि कोरोना संक्रमण से होने वाली मौत पर लगाम लग सके. 

इंदौर में हर दिन 50 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का रखा लक्ष्य 
इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि शहर में हर दिन कोरोना के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में अब शहर में हर दिन  50 हजार से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है. कलेक्टर ने कहा कि उन्होंने शहर की विभिन्न मंडियों का दौरा किया है जल्द ही मंडी परिसर में भी वैक्सीनेशन सेंटर खुलवाएं जाएंगे. इसके अलावा इंदौर शहर के सभी वार्डों में भी वैक्सीन सेंटर खुलेगा, ताकि लोगों को वैक्सीन लगवाने में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो. 

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इंदौर कलेक्टर ने कहा कि कोरोना को रोकने के लिए इंदौर जिला प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है, लेकिन लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. हालात और ज्यादा खराब न हो इसके लिए सभी लोग मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें. ताकि सभी लोग सुरक्षित रहे. 

1 अप्रैल से शुरू हो चुका है वैक्सीनेशन का तीसरा चरण 
देशभर में 1 अप्रैल से कोरोना वैक्सीनेशन का तीसरा चरण शुरू हो चुका है. तीसरे फेज में 45 से साल से अधिक उम्र के बिना को-मॉर्बिडिटी (कई बीमारियों से ग्रसित) वाले लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी. मध्य प्रदेश में इस उम्र के दायरे में 1 करोड़ 18 लाख लोग आते हैं. राज्य में 1 अप्रैल से इन लोगों को वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू होगा. राज्य सरकार ने हर दिन 2 लाख लोगों का वैक्सीनेशन किए जाने का टारगेट रखा है. 

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