आख़िर जंगी प्रदर्शन पर क्यों उतर आए NSUI कार्यकर्त्ता ! जामदार हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन!

शहर के गोल बाजार स्थित जामदार हॉस्पिटल के बाहर आज एनएसयूआई के कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुंचे. डॉक्टर पर लगाए कई आरोप.

आख़िर जंगी प्रदर्शन पर क्यों उतर आए NSUI कार्यकर्त्ता ! जामदार हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन!
एनएसयूआई प्रदर्शन

जबलपुर: आज एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का जबरदस्त जंगी प्रदर्शन देखने को मिला है. पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प भी हुई है. यहां तक कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को कंट्रोल में लेने के लिए हल्का बल का भी इस्तेमाल करना पड़ा. दरअसल शहर के गोल बाजार स्थित जामदार हॉस्पिटल के बाहर आज एनएसयूआई के कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुंचे थे लेकिन हॉस्पिटल सीमा क्षेत्र के पहले ही पुलिस बल ने कार्यकर्ताओं को रोक लिया.

कार्यकर्ताओं का आरोप
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जामदार हॉस्पिटल के मालिक भाजपा नेता और सीनियर चिकित्सक डॉक्टर जितेंद्र जामदार ने नकली रेमेडीसीवर इंजेक्शन के आरोपी सरबजीत सिंह मोखा का समर्थन किया है. जिसके विरोध में आज एनएसयूआई ने यह प्रदर्शन किया. एनएसयूआई ने मांग की है कि डॉक्टर जामदार ऐसे आरोपियों का समर्थन कर रहे हैं जिन्होंने कई जिंदगियों के साथ खिलवाड़ किया है. ऐसे में उन्हें सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए.

कानूनी कार्रवाई की तैयारी
हालांकि एनएसयूआई जिस बयान को लेकर डॉक्टर जामदार हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन करने पहुंची थी उस बयान को लेकर डॉ जितेंद्र जामदार पहले ही स्पष्टीकरण जारी कर चुके हैं. जिसमें उन्होंने अपने जारी बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की बात कही थी. यहां तक कि उनके बयान के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों पर डॉक्टर जामदार कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी कर रहे हैं.

ख़बर का खंडन किया
डॉक्टर जामदार शहर के जाने-माने वरिष्ठ चिकित्सक हैं साथ ही कोरोना महामारी के दौरान जिला प्रशासन समय-समय पर उनसे चिकित्सीय सुझाव लेता रहता है. बीते कुछ दिनों पहले एक निजी अखबार ने उनका इंटरव्यू प्रकाशित किया था. जिसमें उनके द्वारा सरबजीत सिंह मोखा का समर्थन किया गया. डॉक्टर जामदार द्वारा इस अखबार में प्रकाशित खबर का खंडन किया गया और अखबार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं. एनएसयूआई द्वारा जो जानकारी उन्हें अखबार के माध्यम से मिली उसके विरोध में वह डॉक्टर जामदार का विरोध करने आज उनके हॉस्पिटल के बाहर पहुंचे थे. एनएसयूआई ने आरोप लगाया है कि वह नकली रेमेडीसिविर इंजेक्शन के आरोपी सरबजीत सिंह मोखा का कैसे समर्थन करते हैं. इसको लेकर जमकर टकराव की स्थिति बनी.

कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन
बहरहाल आपको बता दे की डॉक्टर जामदार भाजपा नेता होने के साथ नर्मदा सेवा यात्रा के संयोजक भी हैं. ऐसे में उनके बयान ममें कितनी वास्तविकता है यह तो स्पष्ट नहीं किया जा सकता. लेकिन एनएसयूआई भी कोरोना महामारी के इस दौर में राजनीतिक स्टंट करने से पीछे नहीं हट रही है. लिहाजा कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के चलते मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है. और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
हालांकि कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया है. एसडीएम ऋषभ जैन ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है.

सबसे मुख्य बात यह है कि जब डॉक्टर जामदार इस बात को स्पष्ट कर चुके हैं कि जो खबर प्रकाशित की गई वह पूरी तरह से गलत है. उसके बावजूद एनएसयूआई आज प्रदर्शन करने पहुंचना राजनीतिक स्टंट कहा जा सकता है.

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