मंत्री जी का ये गांव बना 97% वैक्सीनेशन करवाने वाला पहला गांव

लोगों ने गांव की क्राइसिस मैनेजमेंट समूह की बैठक में अधिकारियों के साथ निर्णय लिया और घर घर जाकर लोगों को प्रेरित किया.  

मंत्री जी का ये गांव बना 97% वैक्सीनेशन करवाने वाला पहला गांव
97% वैक्सीनेशन करवाने वाला पहला गांव

प्रमोद सिन्हा/खंडवा: खंडवा जिले का आशापुर गांव 97 प्रतिशत वैक्सीनेशन करवाने वाला पहला गांव बन गया. ग्रामीणों का लक्ष्य तो 100% वैक्सीनेशन करवाने का था लेकिन दो परिवारों में बुजुर्गों की मृत्यु के कारण परिवार के लोग पारिवारिक आयोजनों की वजह से वैक्सीन लगवाने नहीं आए. रविवार को इस गांव के लोगों ने एक ही दिन में 729 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा था जिसमें से 702 लोगों ने टीके लगवाए. यह गांव प्रदेश के वन मंत्री कुंवर विजय शाह का गांव है वह यही के मतदाता भी है.

बुजुर्गों ने बनाई योजना
खंडवा जिले की हरसूद तहसील आदिवासी बहुल है. यहां ग्रामीणों में टीकाकरण को लेकर अनेक तरह की भ्रांतियां हैं. इसी तहसील का सबसे बड़ा गांव है आशापुर. यहां गांव के सभी बड़े बुजुर्गों ने एक साथ बैठकर गांव को पूरी तरह वैक्सिंनेशन करवाने की योजना बनाई. इससे ग्रामीण अंचलों में भी अच्छा संदेश जाएगा और लोगों के मन में फैली भ्रांतियां दूर होंगी. सभी प्रमुख ग्रामीणों ने घर घर जाकर लोगों को पीले चावल दिए और वैक्सीनेशन सेंटर तक आने की अपील की.  

अधिकारियों और ग्रामीणों ने प्रेरित किया
इस गांव की जनसंख्या लगभग दो हजार है और 18 वर्ष से ज्यादा लोगों की संख्या लगभग 12 सौ के करीब है. वैक्सीनेशन शुरू होने से अब तक गांव के 450 लोगों को टीका लग चुका था और इससे दुगना अभी बाकी थे. गांव के सभी लोगों ने मिलकर विचार किया कि क्यों ना एक ही दिन में पूरे गांव को वैक्सीनेट कर दिया जाए. इन लोगों ने गांव की क्राइसिस मैनेजमेंट समूह की बैठक में अधिकारियों के साथ निर्णय लिया और घर घर जाकर लोगों को प्रेरित किया.

ग्रामीण भी खुश
स्थानीय ग्रामीण संतोष सोनी बताते हैं कि रविवार को इस गांव के 729 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था जिसमें से 702 लोगों ने टीके लगवाए. इस प्रकार लगभग 97% लोगों का टीकाकरण हो गया है. संभवत खंडवा ही नहीं मध्य प्रदेश का पहला गांव होगा जिसमें एक ही दिन में पूरे गांव का वैक्सीनेशन किया गया.

बड़ी उपलब्धि हुई हासिल
BMO डॉक्टर शैलेंद्र कटारिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के लिए भी यह बड़ी उपलब्धि है. खंडवा तहसील के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ने इस पूरे कैंप को नियंत्रित किया. उन्होंने 5 डॉक्टर, 5 एएनएम और इतने ही स्वास्थ्य वर्करों की टीम को लगाया. स्लॉट बुकिंग और रजिस्ट्रेशन के लिए गांव के पढ़े-लिखे युवाओं की मदद ली. सभी लोगों के सम्मिलित प्रयास से यह गांव लगभग 100% तक वैक्सीनेट हो गया जो एक उपलब्धि है.

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