अब कोरोना कर्फ़्यू का उल्लंघन किया तो मिलेगी ये अनोखी सज़ा ! इस गांव की पंचायत ने लिया फैसला!

गांव में लोगों को सबक सिखाने का अच्छा तरीका निकाला गया है. सज़ा भी मिलेगी और मास्क भी.

अब कोरोना कर्फ़्यू का उल्लंघन किया तो मिलेगी ये अनोखी सज़ा ! इस गांव की पंचायत ने लिया फैसला!
अनोखी सज़ा का ऐलान

सागर: कोरोना की चेन तोड़ने के लिये सरकार ने कोरोना कर्फ्यू लगा दिया है. इसे सफल बनाने के लिये ग्रामीण इलाकों से भी अच्छी तस्वीरें सामने आ रही है. कहीं गांव में बाहरी लोगों का आना-जाना बैन कर दिया गया है. तो कही जनता कर्फ्यू लगा दिया गया है. इसी कड़ी में सागर ज़िले के राहतगढ़ ब्लॉक की एक पंचायत ने कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करनेवालों को सज़ा मुकर्रर कर दी है. गांव में बग़ैर मास्क पाये जाने पर पंचायत सज़ा जरूर देगी.

अनोखी सज़ा का ऐलान
गांव वालों ने मिलकर ये तय किया है कि अब जो भी कोरोना नियम का पालन नहीं करेगा उसे दंडित किया जाएगा. राहतगढ़ ब्लॉक की चौकी पंचायत जहां पर अधिकांश गरीब आदिवासी तबके के लोग निवास करते है. इस पंचायत के सरपंच ने कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों को एक अनोखी सज़ा देने का ऐलान किया है. पंचायत ने दो दिन पहले एक नियम बनाया है कि गांव में कोई भी अपने घर से बाहर बगैर माक्स लगाए नहीं निकलेगा. जो भी बगैर माक्स लगाए मिलता है तो पंचायत उसे सज़ा देगी. सज़ा के साथ में उस शख्स को एक माक्स दिया जाएगा. साथ मे दिए जाएंगे पांच पौधे.

निगरानी समिति बनाई गई
इन पौधों को सज़ा पाने वाला शख्स अपने घर ज़मीन पर लगाएगा. एक साल तक उनकी देख- रेख भी करेगा. इतना ही नहीं इसके लिये बकायदा एक निगरानी समिति बनाई गई है. जो गांव में बगैर माक्स लगाए घूम रहे लोगों को चिन्हित करेगी. लोगों को सज़ा के तौर पर देने के लिये करीब चार सौ पौधे एडवांस में खरीदकर रख लिये गए है.

आपदा प्रबंधन समिति का कार्य
साथ ही पंचायत सचिव राकेश यादव ने बताया कि पौधे लगाए गए है या नहीं उनकी देख-रेख हो रही है या नहीं ये देखने का काम मेरा और आपदा प्रबंधन समिति का रहेगा. अभी तक पांच लोगों को यह सज़ा दी जा चुकी है. वही इस अनोखी सज़ा को पाने वालों का कहना है कि हम बगैर मास्क लगाए घूम रहे थे. इसलिये पंचायत ने सज़ा के तौर पर हमें ये पांच पौधे दिये है. जिनको हमें न सिर्फ लगाना है वरन इनकी देखभाल भी करना है.
इस अनोखी सज़ा की तारीफ अब पूरे क्षेत्र में हो रही है. वहीं आसपास के गांव वालों को भी ऐसे फैसलों का स्वागत कर उससे प्रेरित होने की आवश्यकता है ताकि संक्रमण फैलने से रोकने में सब मिलकर अपना सहयोग दे सकें.

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