मध्य प्रदेश के इस जिले के जल्द बदल सकते हैं दिन, मिल सकता है मीथेन गैस का भंडार

मध्य प्रदेश के एक जिले में मीथेन गैस का भंडार मिलने की संभावना बढ़ गई है, क्योंकि इस जिले के कई गांवों में खोदे गए बोरबेल से यह मीथेन गैस निकल रही है. 

मध्य प्रदेश के इस जिले के जल्द बदल सकते हैं दिन, मिल सकता है मीथेन गैस का भंडार
दमोह जिले में मिल सकता है मीथेन गैस का भंडार

दमोहः बुंदेलखंड का दमोह जिला एक खास वजह से प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है. क्योंकि दमोह जिले की हटा तहसील के एक गांव में बोरवेल से मीथेन गैस निकल रही है. इसके अलावा भी दूसरे कई गांवों में हाल ही में खोदे गए बोरवेल में से भी मीथेन गैस निकलने की बात सामने आई है. जिसके बाद ओएनजीसी (ONGC) के अधिकारियों ने यहां जांच शुरू की. अधिकारियों के मुताबिक यहां के करीब 24 गांवों में मीथेन गैस मिलने की संभावना बढ़ गई है, जिससे यहां के लोग खुश नजर आ रहे हैं. 

ONGC ने लगाई दो यूनिट 
ओएनजीसी के अधिकारियों ने दमोह जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी दो यूनिट लगाए हैं और गैस की तलाश हो रही है. अधिकारियों की माने तो जल्दी ही अच्छी खबर सामने आ सकती है. दरअसल, जिले के हटा ब्लॉक के कई गांवों में नलकूप की बोरिंग के बाद गैस निकली है, जो तेजी से आग पकड़ रही है. ओएनजीसी के अधिकारियों का कहना है कि यह मीथेन गैस है. 

इस तरह चला गैस का पता 
स्थानीय लोगों ने बताया कि बोरवेल में से निकलने वाले पानी में आग लग रही थी. जिससे लोगों को आश्चर्य हुआ. लेकिन जहां-जहां भी बोरवेल के लिए बोरिंग हो रही थी, सब जगह ऐसा ही हो रहा था. जिसकी जानकारी जिला मुख्यालय के अधिकारियों को दी. जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि यह मीथेन गैस जिसका प्रयोग कई कामों में होता है. जिसके बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली. पीएचई (PHE) विभाग भी इस दिशा में सक्रिय हुआ है और ऐसे बोरवेल चिन्हिंत कर रहा है, जिनमें से गैस निकल रही है. 

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पीएचई विभाग के अधिकारियों की माने तो मीथेन गैस की वजह से पानी मे आग लग रही है, जिससे इस बात की संभावना बढ़ गई है कि दमोह जिले में मीथेन गैस का भंडार मिल सकता है. जिससे आने वाले वक्त में इस क्षेत्र की दिशा बदल सकती है. 

प्रचुर मात्रा में हैं जीवाश्म 
दरअसल, पीएचई विभाग के अधिकारियों कहना है कि दमोह जिले के इस क्षेत्र में एक समय में जीवाश्म प्रचुर मात्रा रहा होगा. लेकिन इसका दोहन पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पाया होगा, जिससे यह जीवाश्म धीरे-धीरे गैस में तब्दील हो गए. ऐसे में पीएचई विभाग ने यहां जांच शुरू कर दी है. 

क्या है मीथेन गैस का प्रयोग 
दरअसल, मीथेन गैस  प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है, जिसका प्रयोग ईंधन के रूप में किया जाता है. मीथेन गैस की खोज सबसे पहले नवंबर 1776 में इटली और स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिक एलेसान्द्रो वोल्ता ने की थी. उन्होंने मैगिओर झील के दलदल में इस गैस की पहचान की थी. इस गैस का इस्तेमाल घरों एवं उद्योगों दोनों जगह गैसीय ईंधन के रूप में किया जाता है. क्योंकि यह जलने पर बडी मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करती है.

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