MP: संक्रमण की रफ्तार में आई 2% की कमी, इन जिलों में नए मरीजों से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या बढ़ी

कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण चेन तोड़ने के लिए देश के कई शहरों में कर्फ़्यू लगाया गया है. लोग एक बार फिर घरों में रहने को मजबूर हैं लेकिन जरूरत इस बात कि है कोरोना से बचा जाए ताकि संक्रमण के मामले कम हो सके. शायद येही वजह है कि अब मध्यप्रदेश से अच्छी खबर है.

MP: संक्रमण की रफ्तार में आई 2% की कमी, इन जिलों में नए मरीजों से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या बढ़ी
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मध्यप्रदेश: कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण चेन तोड़ने के लिए देश के कई शहरों में कर्फ़्यू लगाया गया है. लोग एक बार फिर घरों में रहने को मजबूर हैं लेकिन जरूरत इस बात कि है कोरोना से बचा जाए ताकि संक्रमण के मामले कम हो सके. शायद येही वजह है कि अब मध्यप्रदेश से अच्छी खबर है. यहां लॉकडाउन का असर दिखने लगा है. पिछले एक हफ्ते के अंदर राज्य में नए मरीजों के मिलने की रफ्तार में 2% की गिरावट आई है. यहां पॉजिटिविटी रेट 27% की बजाय 25% रह गई है.

8 जिलों में कोरोना की रफ्तार धीमी 
राज्य के सबसे संक्रमित 8 जिलों में भी कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ गई है. हालांकि, अन्य जिलों में हालात जस के तस बने हुए हैं. 24 घंटे में भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में नए मरीजों से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या ज्यादा बढ़ी है. इधर, मध्यप्रदेश सरकार ने अगले 10 दिनों तक कोरोना कर्फ्यू सख्त कर दिया है.

भोपाल में ज़्यादा मरीज़
सबसे ज्यादा केस भोपाल में 1 हजार 853 आए और 5 मरीजों की मौत भी हो गई है. इंदौर में 1 हजार 811 नए संक्रमित आए. हालांकि भोपाल के मुकाबले सरकारी रिकॉर्ड में यहां दोगुनी मौतें दर्ज की गईं. ग्वालियर में 1024 और जबलपुर में 795 नए मामले सामने आए. दोनों जगहों पर 7-7 ने दम तोड़ दिया.                                                                                      

जेल मुख्यालय का आदेश
कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर एक बार फिर 4500 कैदियों की पैरोल 60 दिन बढ़ाने का फैसला किया है. इस संबंध में जेल मुख्यालय ने आदेश जारी कर दिया है. उन बंदियों को पैरोल दी जाएगी जो अधिकतम 7 साल की सजा काट रहे हैं.

भोपाल में संक्रमित से ज्यादा स्वस्थ हुए
भोपाल में 24 घंटे में सबसे ज्यादा केस आए लेकिन राहत की बात रही है कि प्रदेश में सबसे ज्यादा 2408 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं. राजधानी में इस साल पहली बार ऐसी स्थिति बनी है कि नए केस से ज्यादा स्वस्थ हुए हैं. हालांकि अभी एक्टिव केस 13 हजार 587 है.

इंदौर में सबसे ज्यादा मौतें
लगातार चौथे दिन 18 सौ से ज्यादा केस सामने आए हैं. प्रदेश में सबसे ज्यादा 10 की माैत सरकारी रिकॉर्ड में इंदौर में ही दर्ज हुई है. प्रदेश के बड़े शहरों में यहां सबसे कम 981 मरीज स्वस्थ हुए हैं. भोपाल के बाद यहां सबसे ज्यादा 13 हजार 171 एक्टिव केस हैं. अस्पतालों में बेड ऑक्सीजन की कमी अभी दूर नहीं की जा सकी है.

ग्वालियर में राहत 
प्रदेश के मुकाबले ग्वालियर में संक्रमण दर 29% है. यहां 24 घंटे में 3526 सैंपल की जांच में 1024 नए संक्रमित मिले हैं. राहत की बात यह है कि 1208 संक्रमित डिस्चार्ज होकर मंगलवार को अपने घर भी गए हैं. एक्टिव केस 9162 से घटकर 8971 हो गए हैं. सरकारी रिकॉर्ड में 7 मौतें दर्ज की गई.

जबलपुर में ज्यादा स्वस्थ होने वाले
जबलपुर में दो दिनों से पॉजिटिव मरीजों के मुकाबले डिस्चार्ज होने वालों की संख्या ज्यादा है. हेल्थ की कोरोना रिपोर्ट के अनुसार 907 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हुए. इस दौरान 795 नए केस आए.

आंकड़ों के अनुसार भले ही कुछ राहत दिखाई दे रही हो लेकिन संसाधनों की कमी अब भी बरकरार है. वायरस की चपेट में आने के बाद से मरीज़ भटक रहे है. अव्यवस्थाओं के चलते मरीज़ों की हालत बदतर है.

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