PPE किट पहनकर अस्पताल पहुंचे कलेक्टर और SP, किया ऐसा काम, सुनकर आप भी कहेंगे-वाह

राजगढ़ जिले के एसपी और कलेक्टर जब जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे. तो उन्होंने यहां एक बहुत ही सराहनीय काम किया.   

PPE किट पहनकर अस्पताल पहुंचे कलेक्टर और SP, किया ऐसा काम, सुनकर आप भी कहेंगे-वाह
एसपी और कलेक्टर ने चालू किए वेंटिलेटर

राजगढ़ः कोरोनाकाल में सभी सरकारी अधिकारी लगातार लोगों की मदद करने में जुटे हैं. राजगढ़ में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. जिले के एसपी प्रदीप शर्मा और कलेक्टर नीरज सिंह पीपीई किट पहन कर अचानक राजगढ़ जिला चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंचे. यहां दोनों अधिकारियों ने ऐसा काम किया जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है. 

चार साल से बंद पड़े थे वेंटिलेटर 
दरअसल, राजगढ़ के जिला अस्पताल में चार वेंटिलेटर लंबे समय से बंद पड़े हुए थे.  जिला अस्पताल में पिछले साल चार वेंटिलेटर खरीदे गए थे, लेकिन कंपनी का इंजीनियर उसे इंस्टॉल करने अब तक नहीं आया था. ऐसे में इन वेंटिलेटर का कोई लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा था. जब इस बात का पता एसपी और कलेक्टर को लगा तो दोनों अधिकारियों ने तकनीकी टीम के साथ मिलकर खुद ही वेंटिलेटर के पार्ट जोड़कर उन्हें चालू करना शुरू कर दिया.  

एसपी ने किया अपने हुनर का इस्तेमाल 
दरअसल, कलेक्टर और एसपी अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. जब उन्हें पता चला कि अस्पताल में रखे चार वेंटिलेटर बंद पड़े हैं. तो उन्होंने इसका कारण पूछा, बताया गया कि जिस कंपनी से इन्हें खरीदा गया था, उसने इन्हें चालू नहीं करवाया है. जिसकी वजह से मरीजों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में बीटेक करके दो साल एक निजी कंपनी में काम करने वाले एसपी प्रदीप शर्मा ने अपने हुनर का इस्तेमाल किया. कलेक्टर और एसपी ने आपस में चर्चा कर कुछ लोगों की मदद से इन चारों वेंटिलेटर को चालू करने का काम शुरू कर दिया. 

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दो घंटे में चालू हुए वेंटिलेटर 
दोनों अधिकारियों ने दो घंटे की मेहनत से पहला वेंटिलेटर चालू कर दिया. इस काम में उन्होंने जिला अस्पताल के इंजीनियर अजय कुशवाह और सिंचाई विभाग के इंजीनियर अंकित कुमार को भी इस काम में शामिल कर लिया. जबकि बाकि बचे वेंटिलेटर को चालू करने की प्रोसेस भी उन्होंने इन लोगों को समझा दी. जहां बाद में सभी वेंटिलेटर चालू हो गए. . जिससे इन वेंटिलेटर का इस्तेमाल मरीजों के इलाज में किया जाने लगा. 

जब इस मामले में दोनों अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि उन्होंने वेंटिलेटर की डिटेल पुस्तक को पढ़कर उसके सभी पार्ट जोड़े, एसपी ने कहा कि वह बीटेक कर चुके थे. इसलिए इस तरह के काम उन्हें आते हैं. जबकि कलेक्टर और जिला अस्पताल के अन्य कर्मचारियों ने भी इस काम में उनकी मदद की. कलेक्टर ने कहा कि इस वक्त जिले में वेंटिलेटर की बहुत कमी महसूस की जा रही है. इसलिए हमने जल्द से जल्द इन वेंटिलेटर को चालू करवाया है. ताकि लोगों को इसकी मदद मिल सके. 

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