राशन माफिया ने की थी 80 लाख की हेराफेरी, अब उनकी संपत्ति बेच कर गरीबों को देंगे राशन

इंदौर जिला प्रशासन ने राशन माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खुलासा किया था कि उन्होंने गरीबों के 80 लाख रुपये के राशन की हेराफेरी की है.

राशन माफिया ने की थी 80 लाख की हेराफेरी, अब उनकी संपत्ति बेच कर गरीबों को देंगे राशन
सांकेतिक तस्वीर.

इंदौरः मध्य प्रदेश में बीते दिनों राशन माफिया की कालाबाजारी का खुलासा हुआ था. इस कालाबाजारी की जांच में लगी इंदौर पुलिस ने मंगलवार को बताया कि इन्होंने 51 हजार गरीबों का 80 लाख रुपये का राशन हड़पा था. उन्हीं राशन माफिया की संपत्ति को अब प्रशासन नीलाम करने वाला है. उस नीलामी से जो पैसा आएगा उससे गरीबों को राशन दिया जाएगा और उनके नुकसान की भरपाई करेंगे. 

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क्या है मामला
पिछले महीनों प्रदेश में गरीबों को मिलने वाले राशन में कालाबाजारी की बात उजागर हुई थी. ये लोग गरीबों को दिए जाने वाले राशन को खराब और कीड़े-युक्त राशन से बदल देते थे. फिर उसी राशन को बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा करते थे. आरोपियों ने इस बार 12 पीडीएस (Public Distribution System) दुकानों से करीब ढाई लाख किलो के राशन की हेराफेरी की थी, जो 51 हजार से ज्यादा गरीबों को दिया जाना था.

सीएम शिवराज ने दिए थे कड़ी जांच के निर्देश
राशन घोटाले पर नकेल कसने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह को सख्त जांच के निर्देश दिए थे. अब कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा है कि घोटाले के आरोपियों की संपत्ति को कुर्क कर जो राशि इकट्ठा होगी, उससे अनाज खरीद जाएगा और 51 हजार गरीबों में बांटा जाएगा. उन्होंने साथ ही बताया कि मामले में संलिप्त सभी आरोपियों की संपत्ति की जानकारी जिला प्रशासन द्वारा लगाई जा रही है.

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फूंड कट्रोलर पर भी लगे आरोप
मामले में आरोप है कि कुछ नेताओं के संरक्षण में इन राशन माफियाओं ने यह बड़ा घोटाला किया. इंदौर के फूड कंट्रोलर आरसी मीणा को भी सस्पेंड कर दिया गया है. राशन माफियाओं के साथ उनका नाम पाए जाने के बाद उनके खिलाफ यह एक्शन लिया गया.

इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 5/7, आईपीसी की धारा 420 और राशन में अमानत में खयानत की धारा 409 और 120 बी के तहत मामला दर्ज होगा. कलेक्टर ने बताया कि तीन प्रमुख आरोपी भरत दवे, श्याम दवे, प्रमोद दहिगुडे के खिलाफ रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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